Thursday, January 22, 2026
Geopolitics
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चीन की नई रोबोट पुलिस: नियम तोड़ने पर सीधे घर पहुंचेगा चालान

Navbharat Times
January 18, 20264 days ago
चीन ने चौराहों पर खड़ी कर दी रोबोट पुलिस, नियम तोड़ा तो सीधे घर पहुंचेगा चालान, बच निकलना नामुमकिन

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चीन के वुहू शहर में व्यस्त चौराहों पर रोबोट पुलिस तैनात की गई है। ये रोबोट ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को पहचानकर चेतावनी देते हैं। एआई, हाई-डेफिनिशन कैमरे और वॉयस-ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम से लैस ये रोबोट 24 घंटे काम कर सकते हैं और अवैध पार्किंग जैसी समस्याओं को भी पहचानते हैं।

चीन टेक्नोलॉजी में कितना आगे निकल चुका है इस बात का अंदाजा लगाने के लिए चीन के Anhui प्रांत के Wuhu शहर की एक व्यस्त चौराहे पर ध्यान देना होगा। दरअसल यहां आते-जाते साइकिल यात्रियों को अपनी साइकिल नॉन-मोटराइज्ड लेन में चलाने की सलाह मिलती रहती है। यह सलाह कोई ट्रैफिक पुलिस नहीं बल्कि एक ह्यूमनॉइड रोबोट देता है। पुलिस यूनिफॉर्म, रिफ्लेक्टिव जैकेट और सफेद टोपी पहने इस रोबोट का बैज नंबर "Intelligent Police Unit R001" है। दूर से देखने पर यह बिलकुल इंसान जैसा ही लगता है। हालांकि इसकी मेटैलिक चमक और फ्यूचरिस्टिक अंदाज ने इसे लोकल सेलिब्रिटी बना दिया है। क्या खास है चीन की रोबोट पुलिस में? रिपोर्ट के अनुसार,(REF.) Intelligent Police Unit R001 एआई से लैस ट्रैफिक पुलिसिंग रोबोट है। यह शहर के ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम से कनेक्टेड है। इस वजह से ट्रैफिक लाइट के बदलने पर उसके अनुसार इशारे आते-जाते यात्रियों को कर सकता है। इसके अलावा यह रोबोट हाई-डेफिनिशन कैमरे और इंटेलिजेंट वॉयस-ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम से लैस है। यह रोबोट AI एल्गोरिदम का इस्तेमाल करके साइकिल जैसे वाहनों और पैदल चलने वालों के ट्रैफिक उल्लंघन को पहचान सकता है और मौके पर चेतावनी भी देता है। यह रोबोट 24 घंटे काम कर सकता है और कमांड मिलने पर एक जगह से दूसरी जगह पर खुद पहुंच सकता है। इसके फीचर्स में अवैध पार्किंग की पहचान और रियल टाइम में सड़क की निगरानी करना शामिल है। चीन में बढ़ रहा रोबोट पुलिस का चलन चीन ने पिछले साल से कई चीनी शहरों में रोबोटिक पुलिस को भर्ती करना शुरू किया था। जून में Sichuan प्रांत के Chengdu शहर ने चार पैर वाले रोबोट, पहिये वाले रोबोट और ह्यूमनॉइड रोबोट के साथ-साथ रोबोट पुलिस अधिकारियों की एक टीम को तैनात किया गया था। इसी तरह दिसंबर में, Zhejiang प्रांत के Hangzhou में भी एक AI से लैस ट्रैफिक पुलिसिंग रोबोट को ड्यूटी पर लगाया गया था। स्टेट काउंसिल के डेवलपमेंट रिसर्च सेंटर की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन के एआई उद्योग का बाजार आकार 2030 में 400 बिलियन युआन यानी कि लगभग 57.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर और 2035 में 1 ट्रिलियन युआन से ज्यादा होने का अनुमान है। भविष्य की संभावनाएं AiMOGA Robotics के जनरल मैनेजर झांग गुइबिंग के मुताबिक "लैब में रहने वाले प्रोडक्ट कभी भी असल में काम में नहीं लिए जाते। लोगों का विश्वास जीतने के लिए जरूरी है कि आपके प्रोडक्ट्स को असल दुनिया में तैनात या इस्तेमाल भी किया जाए।” AiMOGA Robotics के मुताबिक उनके रोबोटिक सिस्टम पहले से ही 100 से ज्यादा जगहों में तैनात किए जा चुके हैं और वे स्वागत, सुरक्षा गश्त और पब्लिक सर्विस देने का काम कर रहे हैं। 2025 में, AiMOGA ने लगभग 300 ह्यूमनॉइड रोबोट और 1,000 चार पैर वाले रोबोट डिलीवर किए थे। कंपनी के रोबोट अब 30 से अधिक देशों में काम कर रहे हैं। भविष्य में, ये रोबोट आपातकालीन सेवाएं और रियल-टाइम जानकारी देने के इस्तेमाल में और भी ज्यादा लिए जाएंगे। लेखक के बारे मेंभव्य भारद्वाजभव्य भारद्वाज, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। इन्होंने जी न्यूज (डीएनए), इंडिया न्यूज, यूसी न्यूज, ओपो इंडिया और बाइटडांस (टिकटॉक) जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। टेक जर्नलिस्ट के तौर पर भव्य टेक-गैजेट न्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, एआई न्यूज, गैजेट्स रिव्यूज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें और लॉन्च इवेंट्स कवर करते आए हैं। दुनिया में टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों पर इनकी पैनी नजर रहती है। अलग-अलग तरह के गैजेट्स, ऑडियो प्रोडक्ट्स और वि‍यरेबल्स को पाठकों को आसान भाषा में समझाने का हुनर भव्य के पास है। इन्‍होंने बैचरल ऑफ आर्ट्स इन मास मीडिया एंड क्रिएटिव राइटिंग की डिग्री जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से ली है। उसके बाद हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन (MJMC) किया है।... और पढ़ें

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    चीन की रोबोट पुलिस: नियम तोड़ें तो चालान घर!