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चीन में बच्चों का जन्म दर में भारी गिरावट: 2025 में आबादी घटने का गंभीर संकट
Hindustan
January 20, 2026•2 days ago

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चीन की जनसंख्या लगातार चौथे साल घट गई है, जो 1949 के बाद सबसे कम जन्म दर है। 2025 में जन्म दर 17% घटकर 79.2 लाख रह गई, जबकि कुल जनसंख्या 33.9 लाख घटकर 1.4049 अरब हो गई। दशकों की एक-संतान नीति और बढ़ते खर्चों के कारण जन्म दर बढ़ाने के सरकारी उपाय असफल साबित हो रहे हैं।
पड़ोसी देश चीन इन दिनों एक बड़ी मुसीबत में फंसता जा रहा है। चीन की जनसंख्या लगातार चौथे साल घट गई है और 2025 में जन्म दर एक दशक पहले की तुलना में लगभग एक करोड़ से भी कम हो गई है। अब इसके लिए चीन की वन चाइल्ड पॉलिसी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। देश में जन्म दर बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे उपाय भी काम नहीं आ रहे हैं।
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चीन राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 2025 में देश में सिर्फ 79.2 लाख बच्चों का जन्म हुआ, जबकि 2024 में यह संख्या 95.4 लाख थी। इस तरह देश में बीते एक साल में जन्म दर में 17 प्रतिशत की गिरावट आ गई। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार यह 1949 में आबादी का रिकॉर्ड रखना शुरू किए जाने के बाद से सबसे कम जन्म दर है और 2023 में दर्ज न्यूनतम जन्म दर के पिछले रिकॉर्ड से भी निचले स्तर पर है।
रिकॉर्ड गिरावट
सोमवार को जारी एनबीएस के आंकड़ों के अनुसार, चीन की कुल जनसंख्या 2025 में 33.9 लाख घटकर 1.4049 अरब हो गई, जो एक साल पहले 1.4083 अरब थी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक पिछले साल की जनसंख्या में अब तक की सबसे तेज वार्षिक गिरावट दर्ज की गई, जो 1959 से 1961 तक चीन में पड़े भीषण अकाल के दौरान हुई गिरावट को छोड़कर सबसे अधिक है। इस बीच पिछले साल लगभग 1.13 करोड़ लोगों की मृत्यु हुई जो पिछले पांच दशकों में सबसे अधिक है।
बूढों का बोझ भी बढ़ा
इसके अलावा चीन वर्तमान में बुजुर्गों की तेजी से बढ़ती आबादी की समस्या से जूझ रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2024 के अंत तक चीन में 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की संख्या 31 करोड़ तक पहुंच गई थी। 2035 तक इस आयु वर्ग के लोगों की संख्या 40 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।
कैसे हो गई इतनी गंभीर हालत?
चीन के गंभीर जनसांख्यिकीय संकट का कारण सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा दशकों से अपनाई गई एक-संतान नीति को माना जा रहा है। बता दें कि जनसांख्यिकीय संकट के अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका के बीच चीन ने 2016 में एक-संतान नीति को समाप्त कर दिया और सभी दंपतियों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी थी। हालांकि इसका कोई खास असर नहीं हुआ, इसलिए चीन ने 2021 में जनसंख्या नीति में संशोधन किया, जिसके तहत लोगों को 3 बच्चे पैदा करने की अनुमति दी गई, ताकि लालन-पालन के बढ़ते खर्च के कारण दंपतियों की अधिक बच्चे पैदा करने की अनिच्छा को दूर किया जा सके।
वहीं चीनी जनसंख्या संघ के उपाध्यक्ष युआन शिन ने पिछले वर्ष जन्म दर में गिरावट और 2024 में विवाहों में आई भारी कमी के बीच संबंध की ओर इशारा किया। युआन ने कहा कि चीन में 2024 में 61.06 लाख विवाह का पंजीकरण हुआ, जो इसके पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट है और 1980 के बाद से सबसे कम है।
उपाय भी नहीं आ रहे काम
पिछले कुछ वर्षों में चीन ने जन्म दर बढ़ाने के लिए कई नीतियां लागू की हैं जिनमें राष्ट्रीय शिशु देखभाल सब्सिडी योजना भी शामिल है। इस योजना के तहत प्रत्येक बच्चे के लिए प्रति वर्ष 1,534 अमेरिकी डॉलर तक की सहायता राशि दी जाती है। बीजिंग ने दंपतियों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते कंडोम पर टैक्स भी बढ़ा दिया है।
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