Thursday, January 22, 2026
Economy & Markets
8 min read

चांदी की कीमत ने बनाया रिकॉर्ड: 30 दिनों में ₹1 लाख की उछाल

AajTak
January 19, 20263 days ago
Silver Price Record High: चौंकिए मत... सिर्फ 30 दिन में 1 लाख रुपये महंगी हुई चांदी, चीन कनेक्शन के साथ-साथ ये बड़े कारण

AI-Generated Summary
Auto-generated

पिछले 30 दिनों में चांदी की कीमत 1 लाख रुपये बढ़कर 3 लाख रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है। चीन में बढ़ती मांग, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मुद्रा बाजार की अस्थिरता और सोलर पैनल व इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में इसके बढ़ते उपयोग जैसे कारक इस तेजी के पीछे हैं।

चांदी (Silver) के भाव को लेकर अब कोई अनुमान लगाना फिलहाल सभी के लिए मुश्किल है, पिछले एक साल के अंदर चांदी की कीमत 1 लाख रुपये से 2 लाख रुपये और अब 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है. दरअसल, चांदी (Silver) की कीमतों ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना दिया है. 19 जनवरी 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव पहली बार 3,00,000 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गया है, कारोबारी हफ्ते के पहले दिन चांदी की कीमत 3,04,000 प्रति किलो के आसपास बनी हुई है. चांदी की कीमतों में ताबड़तोड़ तेजी के पीछे जो भी कारण हो, लेकिन निवेशकों ने पिछले 3 महीने में जमकर पैसे बनाए हैं. आलम ये है कि पिछले एक महीने में चांदी की कीमत 1 लाख रुपये महंगी हुई है. पिछले महीने यानी 19 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,03,500 रुपये थी. जहां से केवल 30 दिन में भाव 1 लाख रुपये ज्यादा हो चुका है. चांदी का भाव और चीन कनेक्शन चांदी के भाव में उछाल का एक बड़ा कारण चीन है, चीन में चांदी प्रीमियम पर बिक रही है, यानी चीन में चांदी अंतरराष्ट्रीय कीमत से ज्यादा (Premium) पर बिक रही है. इसका मतलब है कि घरेलू मांग सप्लाई से ज्यादा है. यही वजह है कि लंदन और न्यूयॉर्क मार्केट में भी कीमतें चढ़ जाती हैं. Advertisement वहीं जब चीन में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है, तो चांदी की डिमांड सीधे उछलती है. क्योंकि सबसे बड़ा सोलर पैनल निर्माता और निर्यातक है. हर सोलर पैनल में चांदी लगती है. चांदी में तेजी के पीछे क्या कारण? इसके अलावा ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता, मुद्रा बाजार की अस्थिरता और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की तलाश करना चांदी की मांग बढ़ा रहा है. इसके साथ ही सोने की तुलना में चांदी ने बेहतर रिटर्न भी दिए हैं.अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. निवेश के अलावा बड़े पैमाने पर चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) और उद्योग में होता है, यहां भी मांग बढ़ती जा रही है. चांदी की कीमतों में बेतहाशा तेजी का असर सराफा बाजार में भी देखने को मिल रहा है. ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है. फिजिकल चांदी की मांग पारंपरिक उपयोग (ज्वेलरी, आर्टिकल्स) में थोड़ी गिरावट आई है. हालांकि डिजिटल गोल्ड की डिमांड बढ़ी है. चांदी ETF (Exchange Traded Funds) में निवेशकों की रुचि बनी हुई है. अब सवाल उठता है कि क्या इस भाव पर निवेश करना सही रहेगा? इस सवाल के जवाब में तमाम एक्सपर्ट्स कहते हैं कि शॉर्ट टर्म के लिए जोखिम भरा कदम हो सकता है. लेकिन अगर नजरिया लंबी अवधि का है, तो फिर थोड़ा-थोड़ा करके निवेश किया जा सकता है. क्योंकि ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई है, और निवेशकों को अपना पोर्टफोलियो डायवर्सीफाई बनाकर रखना चाहिए. ---- समाप्त ----

Rate this article

Login to rate this article

Comments

Please login to comment

No comments yet. Be the first to comment!
    चांदी की रिकॉर्ड कीमत: 30 दिन में ₹1 लाख बढ़ी