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चांदी की रिकॉर्ड कीमत: ₹3.30 लाख/किलो पार, अब खरीदें या बेचें?
AajTak
January 21, 2026•1 day ago

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सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आई है, जहां चांदी 3.30 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। अमेरिकी राष्ट्रपति की नीतियों और यूरोपीय टैरिफ से निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बढ़ा है। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और AI केंद्रों से चांदी की औद्योगिक मांग भी बढ़ी है। हालांकि, विशेषज्ञों ने कीमतों में संभावित गिरावट की चेतावनी दी है और निवेशकों को मुनाफावसूली की सलाह दी है।
सोना और चांदी की कीमतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. चांदी ने सोमवार को 3 लाख रुपये का लेवल पार किया था और मंगलवार को यह 3.20 लाख रुपये के करीब पहुंच गई, जबकि बुधवार को MCX पर 1 किलो चांदी की कीमत 3.32 लाख रुपये के पार कारोबार कर रही है.
इसी तरह, 10 ग्राम सोने की कीमतों में बुधवार को भी तेजी जारी है, और यह 1.58 लाख रुपये के करीब कारोबार कर रहा है. सोना और चांदी की कीमतों में शानदार तेजी के साथ ही गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के भी दाम तेजी से भाग रहे हैं. सिल्वर ईटीएफ ने इस साल 30 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है. ऐसे में निवेशक भी सोच में पड़ गए हैं कि आखिर चांदी के दाम इतनी तेजी से क्यों भाग रहे हैं और क्या अभी इसमें प्रॉफिट बुकिंग कर लेना चाहिए?
क्यों आ रही चांदी और सोने के दाम में इतनी तेजी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को हासिल करने की कोशिश और यूरोप पर भारी टैरिफ लगाने की धमकियों ने कीमती धातुओं की ओर निवेशकों का रुझान बढ़ा दिया, जिससे नए साल 2026 में अब तक चांदी में 30% की जबरदस्त तेजी आई है.
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चॉइस ब्रोकिंग का कहना है कि कभी चांदी के इस लेवल पर पहुंचने को कल्पना से परे माना जाता था, लेकिन आज यह सच हो चुका है. वहीं ईटीएफ का शानदार प्रदर्शन इस साल भी जारी है. चांदी के साथ ही गोल्ड भी रिकॉर्ड हाई बना रहा है, जिसकी भी कल्पना कभी नहीं थी.
दूसरी तरफ, ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी का टैरिफ लगाया है, जिस कारण सिल्वर और गोल्ड का बाजार और भी ज्यादा गर्म हो चुका है. पिछले एक साल में चंदी 170 फीसदी उछली है, जबकि गोल्ड की कीमतों में एक साल में 70 फीसदी से ज्यादा की उछाल आई है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिल्वर को लेकर कुछ स्थिति अभी भी प्रबल है. सौर फोटोवोल्टिक विस्तार, इलेक्ट्रिक वाहनों और चांदी-बेस्ड चीजों पर निर्भर एआई डेटा केंद्रों से बढ़ती मांग के कारण चांदी एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल मे टल बन चुका है. चीन के सख्त निर्यात लाइसेंसिंग और स्थिर खनन उत्पादन के कारण 2026 में वैश्विक आपूर्ति में 230 मिलियन औंस की कमी का अनुमान है, जिससे भंडार में भारी गिरावट आई है.
चांदी सोने से बेहतर प्रदर्शन
सोने और चांदी का अनुपात गिरकर अपने ऐतिहासिक औसत 50:1 पर आ गया है, जो दर्शाता है कि चांदी सोने की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रही है. कोटक म्यूचुअल ने कहा कि ब्याज दरों में संभावित कटौती और ईरान और वेनेजुएला में भू-राजनीतिक तनाव ने चांदी की सेफ निवेश के मामले में साख मजबूत हुई है.
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आगे क्या होने वाला है?
एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इन धातुएं की कीमतें अभी अपने रिकॉर्ड हाई पर बने हुए हैं और इनका चार्ट चेतावनी का संकेत दे रहे हैं. डेली चार्ट पर RSI में मंदी की संभावना दिख रही है, जो एक खतरे का संकेत है. उनका कहना है कि अभी किमतें भले ही रिकॉर्ड हाई पर हैं और रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच रही हैं, लेकिन इन इन लाभों का बढ़ाने वाली आंतरिक गति वास्तव में कमजोर बन रही हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी निवेशकों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए और लॉन्ग पोजिशन वालों को प्रॉफिट बुक करने की कोशिश करनी चाहिए.
(नोट- सोना और चांदी में किसी भी तरह के निवेश से पहले योग्य सलाहकार की मदद जरूर लें.)
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