Geopolitics
11 min read
अमेरिका को कड़ा जवाब: कनाडा की सेना तैयार, जानें तालिबान स्टाइल मॉडल!
Moneycontrol Hindi
January 21, 2026•1 day ago

AI-Generated SummaryAuto-generated
कनाडा की सेना ने एक काल्पनिक अमेरिकी हमले का मॉडल तैयार किया है, जिसमें अपरंपरागत युद्ध तकनीकों का सुझाव दिया गया है। यह अध्ययन, जो लगभग 100 वर्षों में पहली बार हुआ है, अमेरिकी सेना के कब्जे को कठिन बनाने के लिए गुरिल्ला रणनीति पर केंद्रित है। हालांकि यह एक वास्तविक युद्ध योजना नहीं है, यह बदलते वैश्विक परिदृश्य और अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों के कारण किया गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा को अपने साथ मिलाने और उसे US का 51वां राज्य बनाने का अपना इराजा बार बार दोहराते आए हैं। इसी के मद्देनजर एक बड़ी खबर सामने आई है कि कनाडा की सेना ने एक काल्पनिक अमेरिकी हमले का मॉडल तैयार किया है और यह भी बताया है कि सैनिक और नागरिक दोनों मिलकर कैसे जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। इस स्टडी में उन तरीकों के बारे में बताया गया है कि अगर अमेरिका कनाडा पर सैन्य हमला करता है, तो उससे किस तरह निपटा जाएगा। बड़ी बात ये है कि कनाडा और अमेरिका दोनों नाटो (NATO) के सदस्य हैं और एयर डिफेंस पार्टनर भी हैं।
The Globe and Mail ने दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के हवाले से अपनी एक रिपोर्ट में बताया, यह करीब 100 साल में पहली बार है, जब कनाडाई सशस्त्र बलों ने अमेरिका के हमले का ऐसा मॉडल तैयार किया है। यह मॉडल कोई वास्तविक युद्ध योजना नहीं है, बल्कि एक थ्योरी वाली स्टडी है, जिससे यह समझा जा सके कि अगर ऐसा कभी हुआ तो हालात कैसे हो सकते हैं और प्रतिक्रिया कैसी होगी।
सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के कनाडा पर हमला किया जाना बेहद असंभव है। फिर भी, बदलते वैश्विक हालात और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के कारण इस तरह के आकलन किए जा रहे हैं।
हाल ही में खबर आई थी कि कनाडा ग्रीनलैंड में यूरोपीय देशों के सैन्य अभ्यास में शामिल होने के लिए सीमित संख्या में सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। यह कदम डेनमार्क के समर्थन में उठाया जा सकता है, क्योंकि ग्रीनलैंड उसी का हिस्सा है। राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात कर चुके हैं और विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी भी दे चुके हैं। उन्होंने कई बार कनाडा को अमेरिका का “51वां राज्य” कहने जैसी टिप्पणियां भी की हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, सैन्य मॉडल में यह मानकर चला गया है कि अगर अमेरिका दक्षिण से हमला करता है, तो वो कनाडा की जमीन और समुद्री रणनीतिक ठिकानों पर बहुत तेजी से कब्जा कर सकता है- संभव है कि कुछ ही दिनों में।
कनाडा के पास न तो इतने सैनिक हैं और न ही उतना आधुनिक सैन्य साजो-सामान कि वो अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के पारंपरिक हमले को रोक सके। इसलिए सेना ने अपरंपरागत युद्ध (Unconventional Warfare) की रणनीति पर विचार किया है।
इस रणनीति में- छोटे-छोटे सशस्त्र समूह, घात लगाकर हमले, तोड़फोड़, ड्रोन का इस्तेमाल और हिट-एंड-रन तकनीक शामिल हो सकती है। ये वही तरीके हैं, जिनका इस्तेमाल अफगान मुजाहिदीन ने सोवियत सेना के खिलाफ किया था और बाद में तालिबान ने अमेरिकी और NATO की सेना के खिलाफ किया।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसी रणनीति का मकसद अमेरिकी कब्जे वाली सेनाओं को ज्यादा नुकसान पहुंचाना होगा, ताकि उन्हें लंबे समय तक टिकने में कठिनाई हो।
हालांकि, अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि कनाडा और अमेरिकी सेनाओं के बीच फिलहाल रिश्ते अच्छे हैं और दोनों देश रूस या चीन से आने वाले मिसाइल खतरों से निपटने के लिए एक नए ज्वाइंट डिफेंस सिस्टम पर भी साथ काम कर रहे हैं।
कनाडा की सेना ने रूस और चीन के संभावित मिसाइल हमलों के मॉडल भी बनाए हैं। अधिकारियों के अनुसार, अगर कभी अमेरिका के साथ NORAD जैसे ज्वाइंट डिफेंस डील खत्म होने के संकेत मिलते हैं, तो उसे बड़े खतरे की चेतावनी माना जाएगा।
जबर्दस्ती सैन्य भर्ती (Conscription) को फिलहाल खारिज कर दिया गया है, लेकिन कनाडा एक बड़ी वालंटियर रिजर्व फोर्स बनाने पर काम कर रहा है। सेना प्रमुख पहले ही 4 लाख से ज्यादा रिजर्व सैनिक तैयार करने की योजना की घोषणा कर चुकी हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, रिटायर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका का कनाडा पर हमला करना कल्पना से परे है, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका के लिए भी इतने बड़े देश पर कब्जा बनाए रखना बेहद मुश्किल होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि कनाडा को अपनी सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है, ताकि वो खुद की रक्षा कर सके और किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोक सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, जितना मजबूत कनाडा अपना घरेलू डिफेंस करेगा, उतनी ही कम संभावना होगी कि ऐसे खतरनाक हालात कभी हकीकत बनें।
Rate this article
Login to rate this article
Comments
Please login to comment
No comments yet. Be the first to comment!
