Entertainment
12 min read
बॉर्डर 2 से पहले, OTT पर देखें ये 6 शानदार फिल्में
News18 Hindi
January 20, 2026•2 days ago

AI-Generated SummaryAuto-generated
'बॉर्डर 2' के प्रदर्शन से पहले, दर्शकों को ओटीटी पर देशभक्ति और युद्ध पर आधारित छह फिल्में देखने की सलाह दी गई है। इन फिल्मों में 'बॉर्डर', 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक', 'शेरशाह', 'लक्ष्य', 'राज़ी', और 'सैम बहादुर' शामिल हैं। ये फिल्में दर्शकों को प्रेरित करेंगी और 'बॉर्डर 2' के अनुभव को और भी रोमांचक बनाएंगी।
नई दिल्ली. साल 2026 की सबसे बड़ी और मोस्ट अवेटेड फिल्म 'बॉर्डर 2' 23 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. सनी देओल एक बार फिर 'मेजर कुलदीप सिंह' के रूप में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने आ रहे हैं. 'गदर 2' और 'जाट' की ऐतिहासिक सफलता के बाद, दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर जो दीवानगी है, वह किसी सुनामी से कम नहीं है, लेकिन थिएटर जाने से पहले, अगर आप उस युद्ध वाले रोमांच और रोंगटे खड़े कर देने वाली देशभक्ति को महसूस करना चाहते हैं, तो ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद ये 7 फिल्में आपके लिए 'मस्ट वॉच' हैं. आज हम आपको उन 6 फिल्मों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, जिन्हें देखकर आपका जोश 'हाइ' हो जाएगा...
1. बॉर्डर (ZEE5): सूची की शुरुआत उस फिल्म से होनी चाहिए जिससे 'बॉर्डर 2' की नींव जुड़ी है. जेपी दत्ता की 'बॉर्डर' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि हर भारतीय की भावना है. 1971 के लोंगेवाला युद्ध पर आधारित इस फिल्म ने सिखाया कि कैसे मुट्ठी भर भारतीय जवानों ने पाकिस्तान के टैंकों की सेना को धूल चटा दी थी. सनी देओल का 'मथुरा दास' वाला गुस्सा और 'संदेशे आते हैं' गाना आज भी रोंगटे खड़े कर देता है. 'बॉर्डर 2' की कहानी को समझने के लिए इसका नॉस्टेल्जिया लेना बेहद जरूरी है.
2. उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक (ZEE5): भारतीय सेना के नए दौर के साहस को देखना है तो 'उरी' से बेहतर कुछ नहीं. विक्की कौशल स्टारर इस फिल्म ने 'How's the Josh?' का ऐसा नारा दिया जो आज भी गूंजता है. यह फिल्म 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक की असली कहानी कहती है. इसका रियलिस्टिक एक्शन और बैकग्राउंड स्कोर आपको 'बॉर्डर 2' के लिए मानसिक रूप से तैयार कर देगा. 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' से पहले विक्की कौशल को एक बेहतरीन अभिनेता तो माना जाता था, लेकिन उन पर 'सोलो लीड' और 'मास स्टार' का ठप्पा नहीं लगा था. 'मसान' और 'रमन राघव 2.0' जैसी फिल्मों ने उन्हें क्रिटिक्स का पसंदीदा बनाया, पर बॉक्स ऑफिस पर उनकी पकड़ कमजोर थी. 2019 में आई 'उरी' ने न केवल विक्की के करियर को डूबने से बचाया, बल्कि उन्हें रातों-रात नेशनल क्रश और सुपरस्टार बना दिया.
3. शेरशाह (Amazon Prime Video): कारगिल युद्ध के हीरो कैप्टन विक्रम बत्रा की वीरता पर आधारित इस फिल्म ने सिद्धार्थ मल्होत्रा को घर-घर में लोकप्रिय बना दिया. 'ये दिल मांगे मोर' की भावना को जिस सादगी और ताकत से दिखाया गया है, वह दिल जीत लेती है. 'बॉर्डर 2' में भी अहान शेट्टी जैसे कई युवा सितारे नजर आने वाले हैं. 'शेरशाह' देखकर आप समझ पाएंगे कि सरहद पर लड़ने वाले एक जवान के पीछे उसके परिवार का क्या त्याग होता है. वहीं सिद्धार्थ मल्होत्रा के लिए 'शेरशाह' का आना किसी चमत्कार से कम नहीं था. 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' के बाद सिद्धार्थ का ग्राफ लगातार गिर रहा था. 'बार बार देखो', 'अय्यारी' और 'जबरिया जोड़ी' जैसी लगातार फ्लॉप फिल्मों ने उनके करियर पर सवालिया निशान लगा दिए थे. लोग उन्हें आउटडेटेड मानने लगे थे, लेकिन कैप्टन विक्रम बत्रा की बायोपिक 'शेरशाह' ने सब कुछ बदल दिया. ओटीटी पर रिलीज होने के बावजूद इस फिल्म ने सिद्धार्थ की खोई हुई साख वापस दिलाई. उनकी परिपक्व अदाकारी ने साबित कर दिया कि अगर स्क्रिप्ट दमदार हो, तो वह लंबी रेस के घोड़े हैं.
4. लक्ष्य (Netflix): फरहान अख्तर द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक लापरवाह लड़के के भारतीय सेना के अधिकारी बनने और कारगिल युद्ध में एक महत्वपूर्ण चोटी को फतह करने के सफर को दिखाती है. ऋतिक रोशन की यह अब तक की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस मानी जाती है. यह फिल्म आपको सेना के अनुशासन और ट्रेनिंग की मुश्किलों से रूबरू कराती है, जो कि 'बॉर्डर 2' में वरुण धवन के किरदार के लिए भी अहम हो सकता है.
5. राजी (Amazon Prime Video): युद्ध सिर्फ सरहद पर ही नहीं, पर्दे के पीछे भी लड़ा जाता है. आलिया भट्ट स्टारर 'राजी' एक जासूस की कहानी है जो देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर पाकिस्तान जाती है. चूंकि 'बॉर्डर 2' में जासूसी और सामरिक मिशन के भी कुछ अंश होने की उम्मीद है, इसलिए यह फिल्म आपको खुफिया तंत्र की अहमियत समझाएगी.
6. सैम बहादुर (ZEE5): भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की जीवनी पर आधारित यह फिल्म भारतीय सेना के इतिहास का एक गौरवपूर्ण अध्याय है. विक्की कौशल ने सैम के किरदार को जीया है. इस फिल्म में 1971 के युद्ध की रणनीतियों को दिखाया गया है. 'बॉर्डर' 1971 के एक मोर्चे की कहानी थी, लेकिन 'सैम बहादुर' आपको उस पूरे युद्ध की कमान की समझ देती है.
Rate this article
Login to rate this article
Comments
Please login to comment
No comments yet. Be the first to comment!
