Thursday, January 22, 2026
Entertainment
7 min read

बॉर्डर 2: 'मथुरा दास' के बेटे का ऑस्ट्रेलिया में जेल अधिकारी बनना, हीरो बनने का अधूरा सपना

AajTak
January 21, 20261 day ago
ऑस्ट्रेलिया का जेल अधिकारी है बॉर्डर के 'मथुरा दास' का बेटा, अधूरा रहा हीरो बनने का सपना, कब होगा पूरा?

AI-Generated Summary
Auto-generated

'बॉर्डर' फिल्म के मथुरा दास का किरदार निभाने वाले सुदेश बेरी के बेटे सूरज बेरी एक्टर बनना चाहते थे। उनका डेब्यू फिल्म बीच में रुक गई और अन्य प्रोजेक्ट्स भी पूरे नहीं हुए। निराश होकर वे ऑस्ट्रेलिया चले गए, जहाँ वे एक जेल अधिकारी बन गए हैं। फिर भी, सूरज ने हीरो बनने का सपना नहीं छोड़ा है और ऑडिशन दे रहे हैं।

बॉलीवुड की आइकॉनिक फिल्म बॉर्डर का सीक्वल बॉर्डर 2 रिलीज के लिए तैयार है. फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है. फिल्म रिलीज से पहले बॉर्डर के पुराने कलाकारों के कई किस्से-कहानियां सामने आ रही हैं. ऐसे में बॉर्डर में मथुरा दास का किरदार निभाने वाले सुदेश बेरी के बेटे सूरज बेरी की भी चर्चा होने लगी है. सूरज पिता की तरह एक्टर बनना चाहते हैं, लेकिन उनका ये सपना पूरा नहीं हो पा रहा है. एक्टर नहीं बन पाए सूरज सुदेश बेरी मनोरंजन जगत का जाना-माना नाम हैं. 'बॉर्डर' में मथुरा दास में उन्होंने मथुरा दास का किरदार निभाया था. सुदेश बेरी की तरह उनके बेटे सूरज ने हीरो बनने का सपना देखा था, जो अब तक अधूरा है. मुंबई में जन्में सूरज ने आर्य विद्या मंदिर से पढ़ाई पूरी की थी. ग्रेजुएशन के लिए उन्होंने मीठीबाई कॉलेज में एडमिशन लिया. पढ़ते-पढ़ते उनके मन में एक्टिंग का जुनून जागा. लुक्स पर हो जाएंगे फिदा गालों में डिंपल, गुड लुक्स और अच्छी हाइट मतलब सूरज हीरो से कम नहीं हैं. ऐसे में अगर उन्हें बड़े पर्दे पर लॉन्च किया जाता, तो वो कमाल कर सकते थे. पर किस्मत को कुछ और मंजूर था. सूरज एकता कपूर और सुनील शेट्टी की फिल्म 'द लिटिल गॉडफादर' से बॉलीवुड डेब्यू करने वाले थे. फिल्म की शूटिंग 90% से अधिक पूरी हो चुकी थी. पर इसे बीच में ही बंद कर दिया गया. Advertisement डेब्यू फिल्म पूरी ना होने की वजह से सूरज निराश हो गए थे. पर उन्होंने हार नहीं मानी. सूरज ने दो-तीन और फिल्में साइन कीं. अफसोस सूरज की ये फिल्में भी कभी पूरी नहीं हो सकीं. ऑस्ट्रेलिया में बने जेल अधिकारी तमाम कोशिशों के बावजूद सूरज एक्टर नहीं बन पा रहे थे. निराश होकर उन्होंने सिर्फ इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि देश भी छोड़ दिया. सूरज ऑस्ट्रेलिया जाकर बस गए. वहां उन्होंने एक्टिंग के गुण सीखने के साथ-साथ अकाउंटिंग में मास्टर्स किया. इसके बाद वो प्रिजन (जेल) अफसर बन गए. सूरज 4-5 साल से ऑस्ट्रेलिया के एक मैक्सिमम सिक्योरिटी प्रिजन में बतौर जेल अधिकारी काम कर रहे हैं. नहीं छोड़ा हीरो बनने का सपना जेल अधिकारी बनकर भी सूरज ने हीरो बनने का सपना नहीं छोड़ा है. वो एक्टिंग में करियर बनाना चाहते हैं. उन्होंने फिल्म, वेब सीरीज के लिए ऑडिशन देने भी शुरू कर दिए हैं. सूरज इंस्टाग्राम पर एक्टिव हैं. इंस्टाग्राम पर उनके 7 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. उनमें हर वो क्वालिटी है, जो एक एक्टर में होनी चाहिए, लेकिन वो एक्टर नहीं बन पा रहे हैं. देखते हैं कि उनका ये सपना कब पूरा होता है. ---- समाप्त ----

Rate this article

Login to rate this article

Comments

Please login to comment

No comments yet. Be the first to comment!
    बॉर्डर 2: मथुरा दास का बेटा बना जेल अधिकारी, हीरो बनने का सपना