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BMC मेयर चुनाव: लॉटरी से उद्धव ठाकरे बन सकते हैं मेयर, शिंदे-फडणवीस के फॉर्मूले फेल
News18 Hindi
January 20, 2026•2 days ago

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मुंबई बीएमसी मेयर पद के लिए आरक्षण लॉटरी एक नया मोड़ ला सकती है। यदि लॉटरी में पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित होता है, तो उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) का मेयर बनना लगभग तय है। यूबीटी के पास एसटी आरक्षित वार्डों से जीते हुए दो पार्षद हैं, जबकि महायुति के पास एसटी श्रेणी का कोई पार्षद नहीं है। इससे शिंदे-फडणवीस के सभी समीकरण विफल हो सकते हैं।
BMC में उद्धव ठाकरे का होगा मेयर, अगर लॉटरी ने दिया साथ, फेल हो जाएंगे शिंदे-फडणवीस के सारे फॉर्मूले
Written by :
Saad Omar
Agency:एजेंसियां
Last Updated:January 20, 2026, 11:58 IST
Mumbai Mayor Election Lottery: मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद को लेकर अब एक नया ट्विस्ट सामने आया है. अगर आरक्षण लॉटरी में मुंबई का मेयर पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित निकला, तो उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) का मेयर बनना लगभग तय हो सकता है.
मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद को लेकर पेंच अब तक फंसा हुआ है. बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे) की महायुति ने भले ही स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है, लेकिन अब एक नया ट्विस्ट सामने आया है. अगर कोटा ड्रॉ (आरक्षण लॉटरी) में मुंबई का मेयर पद एसटी (अनुसूचित जनजाति) के लिए आरक्षित निकला, तो उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) का मेयर बनना लगभग तय हो सकता है. नई हाउस में एसटी आरक्षित सिर्फ दो वार्ड हैं नंबर 53 और 121… और दोनों ही शिवसेना (यूबीटी) ने जीते हैं. वार्ड 53 से जीतेंद्र वाल्वी ने शिंदे शिवसेना के अशोक खांडवे को हराया, जबकि वार्ड 121 से प्रियदर्शिनी ठाकरे ने प्रतिमा खोपड़े को मात दी. इससे महायुति के सारे फॉर्मूले और गणित पर पानी फिर सकता है.
दरअसल बीएमसी में मेयर का चुनाव सीधे नहीं होता. पहले कोटा ड्रॉ से तय होता है कि मेयर पद किस श्रेणी के लिए आरक्षित है. अगर एसटी कैटेगरी निकली, तो बीजेपी के पास एसटी कैटेगरी से कोई पार्षद नहीं है. दूसरी तरफ, शिवसेना (यूबीटी) के पास दोनों एसटी आरक्षित वार्डों के पार्षद हैं.
महायुति के पास कोई एसटी पार्षद नहीं
वैसे अधिकारियों के मुताबिक, सरकार की एक अधिसूचना के तहत एसटी कैटेगरी से कोई भी पार्षद, जो आरक्षित वार्ड से नहीं जीता हो, लेकिन उसके पास वैध एसटी प्रमाणपत्र हो, तो वह मेयर चुनाव लड़ सकता है. लेकिन फिलहाल यह जानकारी नहीं है कि महायुति के पास ऐसा कोई एसटी पार्षद है या नहीं. अगर नहीं हुआ, तो उद्धव ठाकरे का मेयर बनना तय माना जा रहा है.
यह स्थिति देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे की महायुति के लिए बड़ा झटका हो सकती है. बीएमसी चुनाव में बीजेपी ने 89 सीटें जीतीं, जबकि शिंदे शिवसेना ने 29. इस तरह 118 सीटों के साथ महायुति के पास अपना मेयर बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल है. लेकिन मेयर पद का कोटा अगर एसटी निकला, तो महायुति के पास विकल्प नहीं बचेगा.
शिवसेना से दोनों ST पार्षद
उधर शिवसेना (यूबीटी) के 65 पार्षदों में से जीतेंद्र वाल्वी और प्रियदर्शिनी ठाकरे ST कैटेगरी से हैं. प्रियदर्शिनी ठाकरे उद्धव ठाकरे की बहू हैं, और उनकी जीत को पार्टी ने बड़ा प्रतीकात्मक माना है. अगर मेयर पद एसटी के लिए आरक्षित हुआ, तो यूबीटी अपना उम्मीदवार उतार सकती है और बहुमत न होने के बावजूद मेयर बना सकती है, क्योंकि मेयर चुनाव में कोटा तय करने के बाद वोटिंग होती है.
महायुति की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस स्थिति से बचने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है. शिंदे गुट ने अपने 29 पार्षदों को बांद्रा के ताज लैंड्स एंड होटल में शिफ्ट कर दिया है, ताकि एमवीए की ओर से कोई तोड़फोड़ न हो. उद्धव ठाकरे ने पहले ही कहा था कि बीजेपी गठबंधन तोड़कर अपना मेयर बना सकती है, लेकिन अब अगर एसटी कोटा निकला तो खुद उद्धव का मेयर बनना तय हो सकता है.
यह स्थिति बीएमसी के इतिहास में अनोखी होगी. पिछली बार शिवसेना की किशोरी पेडनेकर मेयर बनी थीं, लेकिन इस बार गठबंधन की राजनीति और कोटा सिस्टम ने खेल बदल दिया है. अगर एसटी कोटा निकला और महायुति के पास एसटी पार्षद नहीं रहा, तो उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) मेयर पद पर कब्जा कर सकती है. यह महायुति के लिए बड़ा राजनीतिक झटका होगा, क्योंकि उन्होंने 110 सीटें जीतकर बहुमत बनाया था. अब नसीब और कोटा ड्रॉ पर सब कुछ टिका है. अगर ST कोटा निकला, तो शिंदे-फडणवीस के सारे फॉर्मूले फेल हो जाएंगे और उद्धव ठाकरे का मेयर बनना तय माना जा रहा है.
BMC का मेयर चुनाव अगले कुछ दिनों में होना है. कोटा ड्रॉ का नतीजा आने के बाद ही साफ तस्वीर उभरेगी. फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है और महायुति- MVA दोनों खेमे सतर्क हैं. यह मुंबई की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है.
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Saad Omar
An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T...और पढ़ें
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Location :
Mumbai,Maharashtra
First Published :
January 20, 2026, 11:57 IST
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