Health & Fitness
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क्या ब्लूटूथ ईयरफोन कैंसर का कारण बनते हैं? एक्सपर्ट की राय
CNBC TV18
January 17, 2026•5 days ago

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ब्लूटूथ ईयरफोन से कैंसर के खतरे की अफवाहों पर विशेषज्ञों ने स्पष्टीकरण दिया है। न्यूरोसर्जन डॉ. जय जगन्नाथन ने वायरलेस ईयरफोन की तुलना माइक्रोवेव से करने को गलत बताया। नेशनल टॉक्सिकोलॉजी प्रोग्राम की चूहों पर हुई स्टडी का हवाला दिया गया, लेकिन एफडीए ने इंसानों में रेडिएशन और कैंसर के बीच सीधा संबंध साबित न होने की पुष्टि की है।
आज के दौर में वायरलेस ईयरफोन हमारी लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुके हैं. ऑफिस मीटिंग्स, ऑनलाइन कॉल्स, म्यूजिक और सोशल मीडिया हर जगह लोग इन्हें घंटों इस्तेमाल कर रहे हैं. इसी बीच अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या ब्लूटूथ ईयरफोन से निकलने वाला रेडिएशन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है और क्या इससे कैंसर का खतरा होता है?
सोशल मीडिया पर वायरल कई दावों में यहां तक कहा जा रहा है कि वायरलेस ईयरफोन पहनना सिर के पास माइक्रोवेव रखने जैसा है. लेकिन इन दावों के पीछे कितनी सच्चाई है, इसे लेकर एक्सपर्ट्स ने वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर स्थिति साफ की है.
इस मुद्दे पर अमेरिका के मिशिगन न्यूरोसर्जरी इंस्टीट्यूट के न्यूरोसर्जन डॉ. जय जगन्नाथन ने हाल ही में एक वीडियो के जरिए जानकारी साझा की. उन्होंने वायरल क्लिप पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि वायरलेस ईयरफोन की तुलना माइक्रोवेव से करना पूरी तरह गलत है.
कैंसर से जुड़े डर को लेकर अक्सर नेशनल टॉक्सिकोलॉजी प्रोग्राम (NTP) की एक स्टडी का हवाला दिया जाता है. इस रिसर्च में चूहों को लंबे समय तक रेडियोफ्रीक्वेंसी रेडिएशन के संपर्क में रखा गया था, जिसमें कुछ नर चूहों में हृदय से जुड़े खास तरह के कैंसर के मामले बढ़े हुए दिखे.
हालांकि बाद में इस स्टडी की समीक्षा अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने की. एफडीए ने स्पष्ट किया कि इस शोध के आधार पर इंसानों में रेडिएशन और कैंसर के बीच सीधा संबंध साबित नहीं किया जा सकता.
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