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3 साल में 2 ब्लॉकबस्टर फिल्में बनाने वाला वो अनोखा 'ड्राइवर'
News18 Hindi
January 19, 2026•3 days ago

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अभिनेता-निर्देशक ऋषभ शेट्टी ने तीन साल में दो ब्लॉकबस्टर फिल्में, 'कांतारा' और 'कांतारा चैप्टर 1', देकर बॉलीवुड को चौंका दिया है। मात्र 16 करोड़ के बजट में बनी 'कांतारा' ने 450 करोड़ से अधिक की कमाई की और ऋषभ को राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। 'कांतारा चैप्टर 1' ने भी अपनी अनोखी कहानी और भव्यता से इतिहास रचा, जिसने बॉलीवुड के बड़े निर्माताओं को प्रेरणा दी।
सपने सब देखते हैं, लेकिन कुछ लोग उन्हें पूरा करने के लिए दीवानगी की हद तक चले जाते हैं. इंसान जब सपनों को पूरा करने के लिए सबकुछ दांव पर लगा देता है तो कामयाबी भी कदम चूम लेती है. बात एक ऐसे नौजवान हीरो की हो रही है जिसने अपने सपने को पूरा करने के लिए पानी की बोतलें बेचीं लेकिन हौसले को जिंदा रखा. बात हो रही है तीन साल में बैक टू बैक दो ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाली ऋषभ शेट्टी की. ऋषभ शेट्टी ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में कहा कि सफलता आसानी से नहीं मिलना चाहिए. ऋषभ शेट्टी 2004 में फिल्म इंडस्ट्री में आए थे. जेब में पैसे नहीं थे. बस हिम्मत-हौसला था. मुंबई में कई साल संघर्ष किया. फिर दो फिल्में कांतारा और कांतारा चैप्टर वन बनाईं. दोनों फिल्मों ने इतिहास रच दिया. आइये जानते हैं इन दोनों फिल्मों और ऋषभ शेट्टी की जिंदगी से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स...
किसी फिल्म का कंटेट जितना दमदार होगा, मूवी उतनी ही बड़ी हिट होगी. यानी कंटेट ही किंग है. इस बात को एक बार फिर साबित किया 30 सितंबर 2022 को रिलीज हुई फिल्म 'कांतारा' ने. इस फिल्म का डायरेक्शन ऋषभ शेट्टी ने किया था. फिल्म में ऋषभ शेट्टी, सप्तमी गौड़ा, किशोर और अच्युत कुअमर लीड रोल में थे. फिल्म की कहानी ऋषभ शेट्टी, अनिरुद्ध महेश, शानिल गौतम, राज बी. शेट्टी, श्याम प्रसाद और प्रकाश तुमिनाड ने लिखी थी. फिल्म का प्रोडक्शन विजय किरंगडूर और चौल्वे गौड़ा ने किया था. कांतारा का मतलब रहस्यमयी जंगल से है.
म्यूजिक बी. अजनीश लोकनाथ ने कंपोज किया था. फिल्म में कर्नाटक की लोककथा, दैवीय शक्तियों, परंपराओं का मेल था. फिल्म की मूल भावना कोला थी. यह भगवान को प्रसन्न करने की एक खास पद्धति है. फिल्म प्रकृति और मानव-निर्मित नियम-कानूनों के बीच संतुलन स्थापित करने का संदेश देती है. फिल्म का सबसे आकर्षण इसके एक्शन सीक्वेंस थे जिन्हें विक्रम मोरे ने कोरियोग्राफ किया था.
फिल्म को पहले कन्नड़ भाषा में रिलीज किया गया था. फिल्म की बढ़ती लोकप्रियता को भुनाने के लिए हिंदी में डब करके रिलीज किया गया. इस फिल्म में ऋषभ शेट्टी के काम की बड़ी तारीफ हुई. फिल्म का डायरेक्शन, बैकग्राउंड स्कोर, माइथोलॉजी-परंपराओं का चित्रण बहुत ही शानदार था. फिल्म पैन इंडिया मूवी हुई. फिल्म की सफलता ने पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री को सकते में डाल दिया. मात्र 16 करोड़ के बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने 450 करोड़ की कमाई की थी. पैन इंडिया लेवल पर देखा जाए तो यह फिल्म बहुत कम बजट की फिल्म थी. फिल्म को मिली अनापेक्षित सफलता से ऋषभ शेट्टी भी हैरान थे. यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी ऋषभ शेट्टी को मिला था.
कांतारा फिल्म की अपार सफलता के बाद ऋषभ शेट्टी ने फिल्म का प्रीक्वल बनाने का फैसला किया. कांतारा चैप्टर 1 नाम से प्रीक्वल 2 अक्टूबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया. यह फिल्म भी सिर्फ एक कहानी नहीं थी, बल्कि इसमें आस्था-विश्वास-परंपरा का संगम था. कांतारा चैप्टर 1 ने बॉलीवुड के बड़े-बड़े निर्माताओं की आंखें खोल दीं. फिल्म की रहस्यमयी दुनिया से ऋषभ शेट्टी ने दर्शकों का परिचय कराया.
कांतारा चैप्टर 1 के लिए जंगल के बीच ही सेट लगाया गया था. फिल्म में कई वीएफएक्स देखने को मिले थे. फिल्म की शूटिंग ऋषभ शेट्टी ने अपने गांव के पास ही जंगलों में की थी. गांववालों से सहयोग लेकर उन्होंने फिल्म बनाई. फिल्म में ब्रह्म राक्षस का कॉन्सेप्ट देखने को मिला था. ऋषभ शेट्टी की उनसे लड़ाई होती है. कांतारा फिल्म की कहानी जहां 18वीं-19वीं सदी की थी, वहीं कांतारा चैप्टर 1 में 5वीं -6वीं सदी की कहानी रोचक अंदाज में पर्दे पर दिखाई गई थी. कदम्बा राजवंश के राज, उस समय के पहनावे-संस्कृति की कहानी नजर आई थी. कांतारा चैप्टर 1 में कांतारा-बांगरा के अलावा काड़पा आदिवासी भी दिखाए जाते हैं जो कांतारा समुदाय के देवों को बंदी बनाना चाहते हैं.
दरअसल, कांतारा की सफलता के बाद ऋषभ केवल वन फिल्म वंडर नहीं बनना चाहते थे. जब लोगों ने कांतारा के दूसरे पार्ट के बारे में पूछना शुरू किया तो उन्हें भी गहराई से इसका प्रीक्वल बनाने पर विचार किया. ऋषभ शेट्टी की सफलता कितनी प्रेरणादायी है, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 2014 तक उनके पास कोई काम नहीं था. वो कहते हैं ना कि किस्मत का लिखा कोई टाल नहीं सकता. 2025 आते-आते उन्होंने दो ऐसी फिल्में बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.
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