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वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत-स्पेन का बड़ा समझौता: क्या हुआ खास?
Navbharat Times
January 21, 2026•1 day ago
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वैश्विक अनिश्चितता के बीच स्पेन ने भारत को भरोसेमंद देश बताते हुए द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर जोर दिया। स्पेन के विदेश मंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने को महत्वपूर्ण बताया। दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग बढ़ाने और उच्च-स्तरीय यात्राओं की भी उम्मीद है।
नई दिल्ली : वैश्विक अनिश्चतता के बीच भारत को स्पेन का समर्थन मिला है। स्पेन ने भारत को भरोसेमंद देश बताया है। स्पेन के विदेश मंत्री इस समय भारत दौरे पर आए हैं। स्पेनी विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ मुलाकात की। स्पेनी विदेश मंत्री ने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपनी मुलाकात के दौरान भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने वाला एक भरोसेमंद देश बताया। इसके साथ ही उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
भारत को लेकर क्या बोले स्पेनी विदेश मंत्री
जोस मैनुअल अल्बेरेस ने कहा कि भारत एक ऐसा भरोसेमंद देश है जो अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करता है। इन मुश्किल समय में, स्पेन के लिए भारत के साथ मजबूत रिश्ते बनाना बहुत जरूरी है। अल्बारेस ने कहा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक बदलावों के समय भारत के साथ संबंधों को मजबूत करना बहुत जरूरी है।
भारत-ईयू एफटीए की वकालत
वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका पर जोर देते हुए, स्पेन के विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। अल्बेरेस ने कहा कि स्पेन के लिए भारत जैसे भरोसेमंद देश के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करना बहुत जरूरी है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून में विश्वास रखता है, UN चार्टर का पालन करता है, और मल्टीलेटरलिज्म को सपोर्ट करता है। उन्होंने यह भी कहा कि FTA को पूरा करना गहरे जुड़ाव का 'बहुत अच्छा संकेत' होगा।
स्पेन-भारत के संबंधों में रफ्तार
अल्बारेस ने एयरबस स्पेन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के बीच साझेदारी को दोनों देशों द्वारा बढ़ाए जाने वाले औद्योगिक सहयोग के प्रकार के एक ठोस उदाहरण के रूप में बताया। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज के जल्द ही भारत आने की उम्मीद है और उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसके जवाब में स्पेन जाएंगे।
स्पेन के मंत्री ने भारत के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय प्लेटफॉर्म दोनों के जरिए काम करने के स्पेन के इरादे की पुष्टि की। उन्होंने इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव में शामिल होने में स्पेन की दिलचस्पी भी बताई। साथ ही, इस कदम को दिखाने के लिए औपचारिक रूप से एक लेटर सौंपा।
स्पेन के भारत के समर्थन के मायने क्या हैं?
इस समय यूरोप की नजर भारत पर है। ऐसे में स्पेन की टिप्पणियां अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई हैं। खासकर ग्रीनलैंड को लेकर, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से EU देशों के खिलाफ टैरिफ की धमकियों का विरोध करने पर वाशिंगटन के अधिग्रहण के हितों को लेकर तीखी आलोचना हुई है। इस पृष्ठभूमि में, यूरोप का भारत की ओर रुख करना रणनीतिक साझेदारी में विविधता लाने और अटलांटिक पार संबंधों पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने के प्रयास को दर्शाता है।
लेखक के बारे मेंअनिल कुमारअनिल कुमार नवभारत टाइम्स डिजिटल में होम पेज टीम का हिस्सा हैं। अखबार के साथ ही डिजिटल मीडिया में करीब 16 साल का अनुभव है। जनवरी, 2021 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े हैं। होम पेज पर भारत और दिल्ली सेक्शन के लिए पॉलिटिक्स, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरें और विश्लेषण लिखते हैं। हरियाणा में दैनिक भास्कर और चंडीगढ़ में दैनिक जागरण के लिए स्पोर्ट्स और एजुकेशन रिपोर्टिंग कर चुके हैं। राजस्थान पत्रिका, जयपुर और अमर उजाला, नोएडा में सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में ग्रेजुएशन और पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें
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