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अश्वगंधा के चमत्कारी फायदे: रात में लें इतनी मात्रा, 2 महीने में बदलें शरीर
Patrika News
January 19, 2026•3 days ago

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अश्वगंधा, सदियों पुरानी जड़ी-बूटी, एथलीटों और जिम जाने वालों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। शोध बताते हैं कि यह मांसपेशियों की रिकवरी तेज करती है, तनाव कम करती है, स्टैमिना बढ़ाती है और नींद की गुणवत्ता सुधारती है। 600mg की दैनिक खुराक से 2 महीने में शरीर में सकारात्मक बदलाव देखे जा सकते हैं।
Ashwagandha Benefits: वर्कआउट के बाद थकान, मसल पेन और स्ट्रेस से परेशान हैं? जानिए जिम और एथलीट्स के लिए अश्वगंधा के फायदे, सही डोज और सावधानियां।
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भारत
•
Dimple Yadav
•
Jan 19, 2026
Ashwagandha Benefits (Photo- gemini ai)
Ashwagandha Benefits: आजकल जो लोग रोज जिम जाते हैं, दौड़ते हैं या किसी भी तरह की एक्सरसाइज करते हैं, वे हमेशा यही तलाश में रहते हैं कि ऐसा क्या खाएं या लें जिससे स्टैमिना बढ़े, मसल्स जल्दी रिकवर हों और थकान कम लगे। ऐसे में एक नाम तेजी से सामने आ रहा है- अश्वगंधा। यह कोई नई चीज नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल हो रही जड़ी-बूटी है, जिसे अब आधुनिक विज्ञान भी सपोर्ट कर रहा है।
हाल के कई रिसर्च बताते हैं कि अश्वगंधा रूट एक्सट्रैक्ट एक्सरसाइज करने वालों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। जर्नल Nutrients में छपी एक स्टडी के मुताबिक, यह पोस्ट-वर्कआउट रिकवरी तेज करता है, तनाव कम करता है और इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है। रोजाना की हार्ड ट्रेनिंग से मसल्स पर जो दबाव पड़ता है, उसमें अश्वगंधा नेचुरल सपोर्ट दे सकता है।
जिम जाने वालों और एथलीट्स के लिए अश्वगंधा के 5 बड़े फायदे
मसल्स की जल्दी रिकवरी- वर्कआउट के बाद मसल्स में दर्द और जकड़न आम बात है। पुणे और मुंबई में हुई स्टडीज़ के मुताबिक, अगर 8 हफ्ते तक रोज 300 mg अश्वगंधा दिन में दो बार लिया जाए (कुल 600 mg), तो मसल्स की ताकत और साइज दोनों में सुधार दिखता है। साथ ही मसल डैमेज भी कम होता है।
तनाव और कॉर्टिसोल कम करता है- ज्यादा एक्सरसाइज करने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल बढ़ सकता है, जो मसल ग्रोथ को रोकता है। हैदराबाद की एक स्टडी में पाया गया कि 60 दिन तक अश्वगंधा लेने से तनाव में करीब 40-45% तक कमी आई और मेंटल वेलबीइंग बेहतर हुई।
स्टैमिना और सहनशक्ति बढ़ाता है- अगर जल्दी थकान हो जाती है या सांस फूलने लगती है, तो अश्वगंधा मदद कर सकता है। रिसर्च के अनुसार यह ऑक्सीजन इस्तेमाल करने की क्षमता बढ़ाता है, जिससे हार्ट और लंग्स बेहतर काम करते हैं और वर्कआउट ज्यादा देर तक हो पाता है।
ताकत और लीन मसल मास में बढ़ोतरी- रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करने वालों के लिए अश्वगंधा फायदेमंद माना गया है। यह मसल स्ट्रेंथ, लीन बॉडी मास और ओवरऑल परफॉर्मेंस को सपोर्ट करता है, वो भी बिना हार्श केमिकल सप्लीमेंट्स के।
नींद की क्वालिटी बेहतर करता है- अच्छी नींद के बिना रिकवरी अधूरी है। अश्वगंधा शरीर को रिलैक्स करता है और नींद से जुड़े हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है, जिससे नींद गहरी और सुकून भरी होती है।
कितना और कब लें अश्वगंधा?
आमतौर पर 300 से 600 mg रोज की मात्रा सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन सही डोज डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से पूछकर लें। इसे वर्कआउट के बाद या रात में सोने से पहले लिया जा सकता है।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
प्रेग्नेंट महिलाएं
थायरॉइड की समस्या वाले लोग
किसी खास दवा का सेवन कर रहे लोग
इन लोगों को अश्वगंधा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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