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अनूप जलोटा की एआर रहमान को अजीब सलाह: मुस्लिम होने से काम नहीं मिल रहा तो हिंदू बन जाएं!
Navbharat Times
January 21, 2026•1 day ago
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गायक अनूप जलोटा ने एआर रहमान को सलाह दी है कि यदि उन्हें लगता है कि मुस्लिम होने के कारण काम नहीं मिल रहा है, तो वे वापस हिंदू धर्म अपना लें। जलोटा के अनुसार, रहमान पहले हिंदू थे और बाद में इस्लाम स्वीकार किया, फिर भी उन्होंने काफी सफलता पाई। यदि उन्हें अब धर्म के कारण अवसर कम होने का विश्वास है, तो उन्हें अपने पुराने धर्म को आज़माना चाहिए।
एआर रहमान के हालिया 'कम्युनल' बयान ने संगीत और फिल्म जगत में हलचल मचा दी है। उनके इस बयान की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। इसके साथ ही आमजन और एक्टर्स की भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इसी बीच गायक अनूप जलोटा ने रहमान को एक बेहद अजीब सलाह दे दी है।
गायक अनूप जलोटा ने म्यूजिशियन एआर रहमान को एक चौंकाने वाली सलाह दी है। उन्होंने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में कहा, 'अगर रहमान को लगता है कि मुसलमान होने की वजह से उन्हें फिल्मों में संगीत देने का काम नहीं मिल रहा, तो वे वापस हिंदू धर्म अपनाएं और फिर कोशिश करें।'
अनूप जलोटा ने एआर रहमान के धर्म पर टिप्पणी की
अनूप जलोटा ने रहमान के बैकग्राउंड का जिक्र करते हुए बताया, 'एआर रहमान पहले हिंदू थे और बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद भी उन्होंने संगीत जगत में खूब काम किया, नाम कमाया और लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाई। लेकिन अगर रहमान को अब ऐसा विश्वास है कि उनके धर्म की वजह से अवसर कम हो रहे हैं, तो उन्हें अपना पुराना धर्म अपनाने के बारे में सोचना चाहिए।'
अनूप जलोटा ने एआर रहमान को हिंदू बनने की दी सलाह
भजन सम्राट ने आगे कहा, 'अगर उन्हें इस बात का विश्वास है कि हमारे देश में मुसलमान होने की वजह से उनको फिल्में नहीं मिल रही, म्यूजिक देने के लिए, तो वो फिर से हिंदू हो जाएं। तो, उनको यह विश्वास होना चाहिए कि उनको हिंदू होने से फिर से फिल्में मिलनी शुरू हो जाएंगी। यही तो रहमान के मतलब का सार है। इसलिए मेरा सुझाव है कि वे हिंदू बनकर ट्राई करें और देखें कि क्या फिर से उन्हें फिल्म प्रोजेक्ट्स मिलने लगते हैं या नहीं।'
एआर रहमान ने क्या कहा था?
एआर रहमान ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पिछले 8 सालों में फिल्म इंडस्ट्री में उनके काम में कमी आई है। इसका कारण उन्होंने पावर शिफ्ट बताया, जहां अब क्रिएटिव नहीं बल्कि गैर-क्रिएटिव लोग फैसले ले रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह बदलाव 'कम्युनल थिंग' से भी जुड़ा हो सकता है।
लेखक के बारे मेंउमा मिश्राउमा मिश्रा, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल सीनियर कंटेंट प्रड्यूसर हैं। उनका पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है। वह एंटरटेनमेंट की खबरों पर गहरी पकड़ रखती हैं। उमा की फिल्मों और टीवी शोज की खबरों, गॉसिप, सेलेब इंटरव्यू, फिल्म रिव्यू, एनालिसिस और ग्राउंड रिपोर्टिंग में विशेषज्ञता है। वह बीते 4 साल से NBT (Digital) के साथ जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अलीगढ़ के मंगलायतन यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है और हिसार की गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी से जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।... और पढ़ें
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