Friday, January 23, 2026
Technology
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चीन में Apple का जलवा: Xiaomi-Huawei को पीछे छोड़ा

Navbharat Times
January 19, 20263 days ago
चीन में चीनी कंपनियां फेल? सबको पीछे छोड़कर राजा बना Apple, iPhone से बहुत पीछे छूटे शाओमी-हुवावे

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चीन के स्मार्टफोन बाज़ार में Apple नंबर एक पर पहुँच गया है। पिछली तिमाही में Apple की बिक्री 28% बढ़ी, जबकि Xiaomi और Huawei को नुकसान हुआ। मेमोरी चिप की कमी के बावजूद, Apple के महंगे iPhone मॉडल सफल रहे। iPhone Air को छोड़कर, Apple की स्थिति मजबूत बनी हुई है।

चीनी स्मार्टफोन कंपनियों को चीन में ही मात खीनी पड़ रही है। दरअसल दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार में ऐपल ने नंबर एक की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है। दरअसल पिछली तिमाही में ऐपल की बिक्री में जबरदस्त 28% की बढ़ोत्तरी आई है। ऐपल को यह कामियाबी तब मिली है, जब पूरी दुनिया मेमोरी चिप की भारी कमी से जूझ रही थी। iPhone 17 ने लोगों का ध्यान खास तौर पर खींचा है और दिसंबर की तिमाही में हर पांच स्मार्टफोन में से बिकने वाला एक iPhone ही होता था। इस बढ़ोत्तरी की कीमत शाओमी और हुवावे जैसी कंपनियों को चुकानी पड़ी है, जिनकी बिक्री में दो अंको की गिरावट देखने को मिली है। इसके अलावा चीन के स्मार्टफोन बाजार में करीब 1.6% की कमी आई है लेकिन Apple ने इस मुश्किल दौर में भी अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी। मेमोरी चिप की कमी से जूझ रही कंपनियां Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक,(REF.) दुनियाभर की कंपनियां इस समय मेमोरी सेमीकंडक्टर की कमी से जूझ रही हैं। स्मार्टफोन में डेटा स्टोर करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। इस समस्या की वजह चिप बनाने वाली कंपनियों का Nvidia के AI चिप्स की ओर झुकाव है। दरअसल चिप बनाने वाली कंपनियों का अपनी ज्यादातर क्षमता, AI चिप्स के लिए हाई-एंड मेमोरी चिप बनाने में लगाने के चलते यह समस्या उभरी है। इससे मेमोरी चिप्स की कीमतें बढ़ गई है और फोन बनाने वाली कंपनियों को सप्लाई मिलना मुश्किल हो रहा है। काउंटरपोइंट के विश्लेषकों का कहना है कि 2026 की पहली तिमाही में भी मेमोरी चिप्स की कीमते 40-50% और बढ़ सकती हैं, जबकि दूसरी तिमाही में 20% और बढ़ोतरी की संभावना है। इस वजह से हो सकता है कि कंपनियां सस्ते स्मार्टफोन कम बनाएं। महंगे स्मार्टफोन्स पर असर नहीं TSMC के CEO सी.सी वेई का कहना है कि मेमोरी की कमी का असर हर फोन पर एक तरह का नहीं है। उनके अनुसार महंगे स्मार्टफोन्स पर इसका असर नहीं पड़ा है। ऐपल के तमाम फोन महंगी कैटेगरी में आते हैं। इस वजह से ऐपल इस संकट से सबसे बेहतर तरीके से निपट पा रही है। पिछले पूरे साल की बात करें, तो Apple और Huawei दोनों ने चीन में लगभग बराबर 17% मार्केट शेयर हासिल किया। Apple की सालाना बिक्री में 7.5% की वृद्धि हुई, जो कंपनी की मजबूत स्थिति को दिखाती है। iPhone Air की धीमी शुरुआत ऐपल की परफॉर्मेस में एक कमजोर पहलू iPhone Air रहा। यह मॉडल चीन में देर से लॉन्च किया गया था और यह खासा हिट भी नहीं रहा था। देर से लॉन्च होना और फीचर्स के साथ समझैता इसकी बड़ी वजह रही। बता दें कि ऐपल ने फोन को पतला बनाने के चक्कर में अपने बाकी मॉडल्स के मुकाबने में iPhone Air के फीचर्स में कटौती की थी। वहीं iPhone 17 सीरीज के बाकी सभी मॉडल्स ने बाजार में धूम मचा दी थी और ऐपल के टॉप पर पहुंचने के पीछे उन्ही का हाथ सबसे ज्यादा रहा है। आगे की राह किसके लिए मुश्किल? पिछले कुछ समय से चीन के बाजार में तेजी से बदलाव आए हैं। हुवावे और शाओमी जैसी कंपनियों को ऐपल की जबरदस्त मार्केटिंग और बेहतर प्रोडक्ट की वजह से बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। आने वाले समय में मेमोरी चिप की कमी का असर मिड-रेंज स्मार्टफोन पर ज्यादा पड़ेगा। ऐसे में जिन कंपनियों के महंगे फोन पॉपुलर हैं जैसे कि ऐपल, उन्हें फायदा रहेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हुवावे और ऐपल जैसी कंपनियों को जल्द अपनी रणनीती बदलने की जरूरत है। लेखक के बारे मेंभव्य भारद्वाजभव्य भारद्वाज, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 10 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। इन्होंने जी न्यूज (डीएनए), इंडिया न्यूज, यूसी न्यूज, ओपो इंडिया और बाइटडांस (टिकटॉक) जैसी प्रमुख न्यूज वेबसाइट्स और ऐप्स में काम किया है। टेक जर्नलिस्ट के तौर पर भव्य टेक-गैजेट न्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, एआई न्यूज, गैजेट्स रिव्यूज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें और लॉन्च इवेंट्स कवर करते आए हैं। दुनिया में टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों पर इनकी पैनी नजर रहती है। अलग-अलग तरह के गैजेट्स, ऑडियो प्रोडक्ट्स और वि‍यरेबल्स को पाठकों को आसान भाषा में समझाने का हुनर भव्य के पास है। इन्‍होंने बैचरल ऑफ आर्ट्स इन मास मीडिया एंड क्रिएटिव राइटिंग की डिग्री जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से ली है। उसके बाद हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन (MJMC) किया है।... और पढ़ें

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    Apple चीन में टॉप, Xiaomi-Huawei पीछे