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अपर्णा यादव के 5 बड़े मामले: बीजेपी की बढ़ीं मुश्किलें

ABP News
January 20, 20262 days ago
UP Politics: BJP को असहज कर रहीं अपर्णा यादव, 4 साल में 5 बड़े मामलों से घिरी पार्टी, बार-बार बढ़ रहीं मुश्किलें

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अपर्णा यादव, जो पहले सपा में थीं, बीजेपी में शामिल होने के बाद से पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। उन्होंने टिकट और बड़े पद के लिए लगातार दबाव बनाया। हाल ही में केजीएमयू धर्मांतरण विवाद में उनके हस्तक्षेप से बीजेपी की किरकिरी हुई। उनके पति प्रतीक यादव ने उन पर स्वार्थ का आरोप लगाते हुए तलाक की घोषणा की है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भारतीय जनता पार्टी की नेता अपर्णा यादव को तलाक देने की घोषणा की हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें स्वार्थी महिला बताया और कहा कि वो केवल मशहूर बनना चाहती है. प्रतीक यादव की पोस्ट के बाद उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को लेकर सियासी हलचलें तेज हो गई हैं. अपर्णा पहली बार सुर्खियों में नहीं रहीं हैं, बीजेपी में शामिल होने के बाद वो कई बार पार्टी की मुश्किलें बढ़ा चुकी हैं. 2022 चुनाव में चाहा टिकट! अपर्णा यादव ने साल 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी. वो विधानसभा चुनाव का टिकट चाहती थी, जिसके बाद इस तरह के क़यास लगने शुरू हो गए कि बीजेपी उन्हें लखनऊ की सीट से टिकट दे सकती हैं हालांकि ऐसा नहीं हुआ. जिसके बाद अपर्णा ने ख़ुद का बीजेपी की समर्पित कार्यकर्ता बताया और कहा कि वो पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगी. पद के लिए बीजेपी पर बनाया दबाव अपर्णा यादव को 2022 में भले ही टिकट न मिल पाया हो लेकिन, उनकी कोशिशें कम नहीं हुईं. वो लगातार बड़े पद की लालसा में बीजेपी पर दबाव बनाती दिखीं. अक्टूबर 2022 में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट खाली हुई, जिसके साथ तीन सीटों पर लोकसभा उपचुनाव का ऐलान हुआ, अपर्णा ने फिर बीजेपी में उपचुनाव का टिकट पाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया. लोकसभा चुनाव की टिकट लिए दांवपेंच अपर्णा यादव ने लोकसभा 2024 में भी टिकट के लिए दांव पेंच लगाए, इसके लिए उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर दिल्ली तक चक्कर काटे लेकिन उनके हाथ सफलता नहीं लगी. इस बीत कभी सीएम योगी को अपनी गोशाला में बुलाना हो या सपा के विरोध में चुनाव प्रचार अपर्णा कई बार सुर्खियों में छाई रहीं. महिला उपाध्यक्ष पद से जताई नाराजगी करीब ढाई साल बाद सितंबर 2024 में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अपर्णा यादव के यूपी राज्य महिला आयोग में उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी. लेकिन बड़े पद की इच्छा रखने वाली अपर्णा को ये रास नहीं आया. जिसके बाद उन्होंने कई दिनों तक पदभार भी नहीं संभाला और बीजेपी के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी. केजीएमयू में तीखी बहस से बढ़ा विवाद हाल में केजीएमयू धर्मांतरण विवाद में भी अपर्णा यादव बीजेपी की मुश्किलें बढ़ाती दिखी जब वो बिना किसी सूचना के अपने समर्थकों के साथ KGMU में VC चैंबर में घुस गईं और जबरदस्त हंगामा हुआ, यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ तीखा टकराव हो गया. जिसके बाद ये मामला राजनीतिक और प्रशासनिक बहस के केंद्र में आ गया और बीजेपी को काफी किरकिरी का सामना करना पड़ा.

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