Friday, January 23, 2026
Geopolitics
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ऐतिहासिक ट्रेड डील: अमेरिका और इस देश के बीच 15% टैरिफ कटौती

CNBC TV18
January 17, 20265 days ago
Trade Deal: अमेरिका के साथ इस देश की हुई सबसे बड़ी ट्रेड डील, पूरी दुनिया में हलचल

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ताइवान और अमेरिका के बीच एक बड़ी ट्रेड डील हुई है, जिसमें ताइवानी सामानों पर अमेरिकी टैरिफ 15% कर दिया गया है। इसके बदले ताइवान अमेरिका के टेक उद्योग में $250 अरब का निवेश करेगा, खासकर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में। चीन ने इस समझौते का कड़ा विरोध किया है, जिसे वह अपनी संप्रभुता के लिए चुनौती मानता है।

Trade Deal: अमेरिका की इस देश के साथ एक बड़ी ट्रेड डील हो गई है. इस डील में टैरिफ घटाकर 15 फीसदी कर दिया गया है. ये अमेरिकी सेमीकंडक्टर (Semiconductor News) सेक्टर के लिए ऐतिहासिक डील मानी जा रही है. हालांकि चीन (China News) ने इस डील का कड़ा विरोध किया है. By CNBC Awaaz Trade Deal: ताइवान और अमेरिका के बीच नई ट्रेड डील (Taiwan US Trade Deal) हुई है, जिसे ताइवान के प्रधानमंत्री Cho Jung-tai ने अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस रखने वाले देशों में अब तक का सबसे बेहतरीन टैरिफ समझौता बताया. उन्होंने कहा कि यह डील साफ दिखाती है कि अमेरिका ताइवान को एक अहम रणनीतिक साझेदार मानता है. US ने घटाया 15 फीसदी टैरिफ (Tariff News) इस समझौते के तहत अमेरिकी बाजार में ताइवानी सामानों पर लगने वाला टैरिफ (Trump Tariff) घटाकर 15 फीसदी कर दिया गया है. इसके बदले ताइवान अमेरिका के टेक उद्योग में 250 अरब अमेरिकी डॉलर के नए निवेश करेगा. यह समझौता यूरोपीय संघ और जापान के साथ हुए उन सौदों के बराबर बताया जा रहा है जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा बड़े पैमाने पर टैरिफ की धमकी देने के बाद तय हुए थे. ट्रंप ने पहले ताइवानी उत्पादों पर 32 फीसदी टैरिफ तय किया था जिसे बाद में घटाकर 20 फीसदी किया गया और अब 15 फीसदी पर लाया गया है. Cho ने कहा कि बातचीत के नतीजों के अनुसार ताइवान ने बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 15 फीसदी टैरिफ हासिल किया है. यह वही दर है जो जापान (Japan), कोरिया (Korea) और यूरोपीय संघ पर लागू होती है. उन्होंने यह भी बताया कि ऑटोमोबाइल और लकड़ी के फर्नीचर उद्योग को 15 फीसदी टैरिफ में राहत मिली है जबकि एयरोस्पेस उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कुछ पुर्जों पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा. US Trade Deal का चीन ने किया विरोध इस समझौते पर चीन ने कड़ा विरोध (China Action) जताया है. बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Guo Jiakun ने कहा कि चीन (China News) उन देशों का हमेशा विरोध करता है जो चीन के ताइवान क्षेत्र के साथ आधिकारिक प्रकृति वाले समझौते करते हैं. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और इस डील को सीधे चुनौती के रूप में देख रहा है. Semiconductor सेक्टर के लिए ऐतिहासिक डील अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने कहा कि यह समझौता एक आर्थिक साझेदारी स्थापित करेगा जिसके तहत अमेरिका में कई विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे. विभाग ने इसे अमेरिकी सेमीकंडक्टर (Semiconductor News) सेक्टर को बड़े पैमाने पर वापस लाने वाला ऐतिहासिक सौदा बताया. विभाग के अनुसार जो ताइवानी सेमीकंडक्टर कंपनियां अमेरिका में निवेश करेंगी उन्हें अनुकूल टैरिफ और छूट मिलेगी. इस बीच ताइवान की संसद में इस समझौते की पुष्टि होना बाकी है. विपक्षी सांसदों ने देश के घरेलू सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री पर इसके संभावित असर को लेकर चिंता जताई है. इसी समय ताइवान की कंपनी TSMC ने घोषणा की कि वह इस साल अपने पूंजीगत खर्च को करीब 40 फीसदी तक बढ़ा सकती है. कंपनी ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) की मांग बढ़ने से उसके तिमाही शुद्ध लाभ में 35 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. TSMC पहले ही अमेरिका में करीब 165 अरब डॉलर के निवेश का वादा कर चुकी है और एरिजोना में नए प्लांट्स के निर्माण में तेजी ला रही है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के व्यापक टैरिफ की वैधता पर फैसला आना अभी बाकी है लेकिन चीन से लगातार खतरे झेल रहे ताइवान ने अमेरिका के साथ संबंध मजबूत करने को प्राथमिकता दी है.

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    अमेरिका-देश ट्रेड डील: 15% टैरिफ कटौती