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Amagi Media Labs IPO की कमजोर लिस्टिंग: शेयर 12% डिस्काउंट पर खुला
CNBC TV18
January 21, 2026•1 day ago

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अमागी मीडिया लैब्स के शेयरों ने ₹317 पर डिस्काउंट के साथ शेयर बाजार में शुरुआत की, जो इश्यू प्राइस ₹361 से लगभग 12% कम है। कंपनी का ₹1,780 करोड़ का आईपीओ 30 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025 में घाटा घटकर ₹69 करोड़ रह गया, जबकि 2026 की पहली छमाही में मुनाफा होने की उम्मीद है।
Amagi Media Labs IPO Listing, Share Price: कंपनी कारोबारी साल 2026 की पहली छमाही में जाकर पहली बार मुनाफे में आई. कारोबारी साल 2025 में कंपनी का घाटा घटकर ₹69 करोड़ रह गया था, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह घाटा ₹245 करोड़ था.
By CNBC Awaaz
Amagi Media Labs IPO Listing: Amagi Media Labs Ltd. के शेयरों ने बुधवार, 21 जनवरी को दलाल स्ट्रीट पर डिस्काउंट के साथ डेब्यू किया. कंपनी का शेयर ₹317 पर लिस्ट हुआ, जो इसके ₹361 के इश्यू प्राइस से करीब 12% कम है. Amagi Media Labs का ₹1,780 करोड़ का आईपीओ कुल मिलाकर 30 गुना सब्सक्राइब हुआ है.
इसमें सबसे ज्यादा भागीदारी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की रही, जहां उनके लिए आरक्षित हिस्से को 37 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित कोटा 34 गुना, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 9 गुना सब्सक्राइब हुआ.
IPO की संरचना और फंड का इस्तेमाल
अमागी का आईपीओ ₹816 करोड़ के फ्रेश इश्यू और शेष हिस्से के रूप में मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) से मिलकर बना था. कंपनी ने बताया कि फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि का उपयोग इनऑर्गेनिक ग्रोथ (अधिग्रहण) और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा.
कंपनी प्रोफाइल और वित्तीय स्थिति
वर्ष 2008 में स्थापित, अमागी मीडिया लैब्स एक ग्लोबल SaaS कंपनी है, जो क्लाउड-बेस्ड सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रदान करती है.
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ये सॉल्यूशन टीवी नेटवर्क्स, कंटेंट क्रिएटर्स और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स को वीडियो कंटेंट बनाने, उसे डिलीवर करने और उससे कमाई करने में मदद करते हैं.
कंपनी कारोबारी साल 2026 की पहली छमाही में जाकर पहली बार मुनाफे में आई. कारोबारी साल 2025 में कंपनी का घाटा घटकर ₹69 करोड़ रह गया था, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह घाटा ₹245 करोड़ था.
निवेशकों की नजर
भले ही आईपीओ को मजबूत सब्सक्रिप्शन मिला हो, लेकिन लिस्टिंग डिस्काउंट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. अब बाजार की नजर कंपनी के ग्रोथ प्लान, प्रॉफिटेबिलिटी ट्रैक और अधिग्रहण रणनीति पर टिकी रहेगी.
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