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AI+ स्मार्टफोन: माधव सेठ का 50 लाख यूनिट्स का बोल्ड विजन
Gadgets 360 Hindi
January 20, 2026•2 days ago

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Ai+ स्मार्टफोन ब्रांड ने भारत में 10 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी का लक्ष्य 2026 तक 50 लाख यूनिट्स बेचने और 4,000-5,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करना है। माधव सेठ के नेतृत्व में, Ai+ अफोर्डेबिलिटी, डेटा सिक्योरिटी और कनेक्टेड इकोसिस्टम पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें 5G, फ्लिप और फोल्डेबल फोन शामिल हैं।
Ai+ स्मार्टफोन भारत के स्मार्टफोन मार्केट में एक नया नाम है, जिसे जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया। यह एक होमग्रोन ब्रांड है, जिसे माधव सेठ ने शुरू किया है। इससे पहले माधव सेठ भारत में Realme का नेतृत्व कर चुके हैं, जहां उनके लीड में कंपनी देश की दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन ब्रांड बनी थी। अब Ai+ के साथ, सेठ एक ऐसे ब्रांड को बना रहे हैं जो अफोर्डेबिलिटी, डेटा सिक्योरिटी और कनेक्टेड इकोसिस्टम पर फोकस करता है। 10,000 से कम कीमत वाले दो स्मार्टफोन लॉन्च करने के बाद, Ai+ अब 5G डिवाइसेज, फ्लिप और फोल्डेबल फोन, और इकोसिस्टम प्रोडक्ट्स जैसे वियरेबल्स, टैबलेट्स और ऑडियो एक्सेसरीज तक अपना पोर्टफोलियो बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी इस साल के अंत तक पावर बैंक लॉन्च करने की भी योजना बना रही है। Gadgets 360 ने Ai+ स्मार्टफोन के CEO माधव सेठ से बातचीत की, जिसमें ब्रांड की अब तक की ग्रोथ और आगे की प्लानिंग पर चर्चा हुई। कुछ जवाबों को स्पष्टता के लिए एडिट किया गया है।
सवाल: 2025 Ai+ के लिए ग्रोथ के लिहाज से कैसा रहा? क्या आप इसे नंबरों में समझा सकते हैं?
जवाब: 2025 में हमने Ai+ स्मार्टफोन लाइनअप में सिर्फ दो मॉडल लॉन्च किए - Pulse और Nova 5G। Ai+ Plus सीरीज जुलाई 2025 में 4,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुई, जबकि Nova 5G की शुरुआती कीमत 7,499 रुपये रखी गई। अब तक हम इन दोनों मॉडल्स के करीब 10 लाख यूनिट्स बेच चुके हैं। लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ा माइलस्टोन 10 लाख यूनिट बेचना नहीं है। सबसे अहम बात एक इंडियन ब्रांड को स्थापित करना है। भारत में दुर्भाग्य से हर चीज को सिर्फ नंबरों से जज किया जाता है। लोग यह नहीं समझते कि आज भी भारत में ऐसा एक भी इंडियन ब्रांड नहीं है जो चाइनीज या किसी दूसरे विदेशी इकोसिस्टम के साथ सही मायने में मुकाबला कर सके।
भारत का स्मार्टफोन मार्केट 4 से 5 लाख करोड़ रुपये का है, यानी करीब 45-55 बिलियन डॉलर। इसके बावजूद इस पूरे मार्केट में किसी भी भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड का योगदान 1 बिलियन डॉलर तक नहीं है। 1.5 अरब की आबादी वाले देश के लिए यह बहुत दुखद स्थिति है कि हमारे पास एक भी ऐसी कंपनी या उद्यमी नहीं है जिसकी इस मार्केट में 1% हिस्सेदारी हो।
आज भारत दो बड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है। पहली, हमारे पास कोई मजबूत इंडियन EcoTech इकोसिस्टम नहीं है। दूसरी, Android इकोसिस्टम में हम एक तरह के ड्यूपॉली और मोनोपॉली मार्केट का सामना कर रहे हैं। इसलिए एक लॉन्ग-टर्म विजन की जरूरत है और Ai+ के जरिए मैं उसी दिशा में काम कर रहा हूं।
सवाल: 2026 के लिए आपने क्या बिजनेस या रेवेन्यू टारगेट सेट किए हैं? इस साल का रोडमैप क्या है?
जवाब: हम 2026 में Ai+ स्मार्टफोन बिजनेस को 5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। पिछले साल हमने करीब 10 लाख यूनिट्स बेची थीं और 2026 में हमारा टारगेट 50 लाख यूनिट्स का है। रेवेन्यू के लिहाज से हम इस साल 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये का टारगेट कर रहे हैं। इसके साथ-साथ हमारा फोकस पूरा इकोसिस्टम लाने पर है, जिसमें स्मार्टवॉच, टैबलेट और TWS ईयरफोन शामिल होंगे।
मैं हमेशा से कनेक्टेड इकोसिस्टम में भरोसा करता रहा हूं क्योंकि यह ऐसा प्ले है जिसे मैं अच्छी तरह समझता हूं। नए स्मार्टफोन पोर्टफोलियो और इकोसिस्टम स्ट्रैटेजी के साथ मुझे भरोसा है कि हम 2026 के टारगेट्स हासिल कर लेंगे।
सवाल: इस साल कितने प्रोडक्ट लॉन्च होंगे और किन नई कैटेगरीज में एंट्री होगी? क्या फोल्डेबल भी प्लान में हैं?
जवाब: हमारे लिए Nova 5G सीरीज इस समय सबसे बड़ा फोकस है। Nova 5G लाइनअप में कुल चार मॉडल होंगे। फिलहाल मार्केट में Pulse और Nova मौजूद हैं, और दोनों को धीरे-धीरे अपग्रेड किया जाएगा क्योंकि इनका प्रोडक्ट लाइफ साइकिल लंबा है। हम सिर्फ कंज्यूमर को कन्फ्यूज करने के लिए बार-बार नए मॉडल लॉन्च करने में विश्वास नहीं रखते। कोई भी रिप्लेसमेंट तभी होगा जब कस्टमर के लिए क्लियर वैल्यू ऐडिशन होगा, जिसकी प्लानिंग मार्च या अप्रैल के आसपास है।
इसके अलावा हम Nova सीरीज को एक फुल 5G फैमिली बनाना चाहते हैं। हमने एंट्री-लेवल 5G से शुरुआत की है और अब मिड-रेंज तक पूरा पोर्टफोलियो तैयार किया जाएगा। Flip को हम पहले ही अनाउंस कर चुके हैं, और उसके बाद Nova फैमिली को पूरा करने के लिए और मॉडल आएंगे।
फोल्डेबल भी हमारे रोडमैप में हैं, लेकिन उन्हें Flip के बाद इवैल्युएट किया जाएगा। मेरे लिए एक बात साफ है - मैं कस्टमर को एक जैसे फोन, अलग-अलग नामों या बहुत सारी सीरीज से कन्फ्यूज नहीं करना चाहता।
सवाल: क्या आपको लगता है कि आज इंडियन कंज्यूमर को वाकई फ्लिप या फोल्डेबल की जरूरत है, या यह ज्यादा एस्पिरेशन और ब्रांड पोजिशनिंग का मामला है?
जवाब: मुझे पूरा भरोसा है कि इंडियन कंज्यूमर फ्लिप और फोल्डेबल डिवाइसेज चाहते हैं। यह सिर्फ जरूरत की बात नहीं है, बल्कि चाहत की भी बात है। लोग ऐसे डिवाइस चाहते हैं जो उनके बजट में फिट बैठें और यहां सबसे बड़ा फैक्टर प्राइसिंग है। भारत की 50% से ज्यादा आबादी युवा है, इसलिए इसे दुनिया का सबसे युवा देश कहा जाता है। अगर आप उनकी स्पेंडिंग कैपेसिटी देखें, तो वह आमतौर पर 300-400 डॉलर से आगे नहीं जाती, चाहे फाइनेंसिंग या EMI क्यों न हो। ईजी फाइनेंसिंग ने एडॉप्शन बढ़ाया है, लेकिन यह थोड़ा ज्यादा गहरा भी जा रहा है, जो मुझे पूरी तरह हेल्दी नहीं लगता।
इसके बावजूद, कंज्यूमर अब ज्यादा क्लियर हैं कि उन्हें क्या चाहिए। इसलिए हां, फ्लिप और फोल्डेबल की डिमांड है। ब्रांड के लिहाज से भी ये जरूरी हैं क्योंकि ये दिखाते हैं कि हम किस तरह की टेक्नोलॉजी मार्केट में ला रहे हैं और यंग कंज्यूमर की एस्पिरेशन को एड्रेस कर रहे हैं।
सवाल: जो लोग आपको बजट फोन के लिए ट्रस्ट करते हैं, उन्हें महंगे फ्लिप या फोल्डेबल पर कैसे भरोसा दिलाएंगे?
जवाब: यह पूरी तरह एक्सपीरियंस पर निर्भर करता है। मैं शुरुआत में बड़े वॉल्यूम की उम्मीद नहीं करता। मैं चाहता हूं कि लोग पहले प्रोडक्ट को इस्तेमाल करें और भरोसा बनाएं। आज हमारे पास पहले से ही 10 लाख से ज्यादा कंज्यूमर हैं जो जानते हैं कि Ai+ अच्छे स्मार्टफोन बनाता है। जब हमने लॉन्च किया था, तो लोग हमें 2014-15 वाली उन कंपनियों से कंपेयर कर रहे थे जो वादे तो करती थीं लेकिन डिलीवर नहीं कर पाईं। लेकिन जैसे ही हमने स्केल पर डिलीवर किया, आलोचना अपने आप बंद हो गई। मैं आलोचकों को जवाब नहीं देता, मैं सिर्फ एग्जीक्यूशन पर फोकस करता हूं। फ्लिप और फोल्डेबल के साथ भी यही अप्रोच रहेगी। पहले एक्सपीरियंस, फिर ट्रस्ट और उसके बाद पोर्टफोलियो एक्सपेंशन।
सवाल: एक लाइन में बताइए, जब हर ब्रांड ‘AI' और ‘इननोवेशन' की बात करता है, तो Ai+ ऐसा क्या करता है जो दूसरे नहीं कर पाते?
जवाब: Ai+ के लिए डेटा सिक्योरिटी सबसे पहले आती है, AI गिमिक्स नहीं। हमारा सारा यूजर डेटा भारत में ही Google-अप्रूव्ड सर्वर्स पर स्टोर होता है, MeitY के साथ पार्टनरशिप के जरिए। हम मानते हैं कि आने वाले सालों में डेटा प्रोटेक्शन सरकार और इंडस्ट्री दोनों के लिए बड़ी प्राथमिकता बनने वाली है, क्योंकि टेलीमेट्री डेटा का गलत इस्तेमाल मार्केटिंग या कमर्शियल उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। हमारे लिए AI सिर्फ एक ऐड-ऑन है। हम इसे ‘Applied Intelligence' कहते हैं, जहां इंसानी समझ कंट्रोल में रहती है और टेक्नोलॉजी सिर्फ फैसले लेने में मदद करती है।
सवाल: सोशल मीडिया पर वायरल होना या छोटे शहरों में धीरे-धीरे भरोसा कमाना - आप क्या चुनेंगे?
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