Geopolitics
11 min read
AI ने भारत और पाकिस्तान को परमाणु जंग से बचाया: SIPRI का बड़ा खुलासा
Navbharat Times
January 21, 2026•1 day ago
AI-Generated SummaryAuto-generated
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान के बीच AI-जनित गलत सूचनाओं के कारण परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ गया था। "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान फैलाई गई फर्जी खबरों ने दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी थी, जिससे गंभीर परमाणु संघर्ष की संभावना प्रबल हो गई थी।
स्टॉकहोम: स्वीडन स्थित स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान पिछले साल मई में परमाणु जंग की स्थिति तक पहुंच सकते थे। SIPRI ने अपनी वेबसाइट पर "मल्टी-डोमेन न्यूक्लियर एस्केलेशन रिस्क" नाम के शीर्षक के साथ एक रिपोर्ट पब्लिश की है। इस स्टडी रिपोर्ट में भारत-पाकिस्तान, इजरायल के ईरान से जुड़े ऑपरेशन्स और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे हालिया संघर्षों का एनालिसिस किया गया है। इसमें कहा गया है कि AI जेनरेटेड वीडियो और तस्वीरें दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध के दरवाजे को खोल सकता था।
SIPRI की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष AI से जेनरेट की गई गलत जानकारी से प्रभावित हुआ था। इसमें आगे कहा गया है कि इसकी वजह से ये संघर्ष, "आसानी से" एक बड़े टकराव में बदल सकता था, जिसमें दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीधे न्यूक्लियर टकराव की संभावना थी।भारत-पाकिस्तान में परमाणु जंग की आशंका
SIPRI की रिपोर्ट में 2025 के भारत-पाकिस्तान संकट का जिक्र करते हुए रिसर्च पेपर जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-सक्षम गलत जानकारी ने युद्ध के मैदान की धारणाओं को बिगाड़ दिया।" इसमें कहा गया है, "AI-सक्षम गलत जानकारी आसानी से एक बड़े संघर्ष में बदल सकती थी, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा न्यूक्लियर टकराव संभव था।" रिपोर्ट में गंभीर चेतावनी देते हुए कहा गया है कि भविश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर, गलत और भ्रम फैलाने वाली जानकारियां, युद्ध के मैदान की वास्तविकताओं से काफी अलग होती हैं, लेकिन इनका प्रभाव ऐसी हो सकती हैं, जो युद्ध के मैदान पर वास्तविक असर डाल सकती हैं और इससे टकराव की आशंका भयानक स्तर पर पहुंच सकती हैं। ऐसे फर्जी अभियान, परमाणु हथियारों वाले देशों की रणनीतिक गणनाओं को बाधित कर सकते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फर्जी सूचनाओं और गलत जानकारियों की बाढ़ पर SIPRI ने अफनी रिपोर्ट में सूचना के माहौल को "सनसनीखेज का कार्निवल" बताया है। इसमें कहा गया है कि आर्टिफिशियल तरीके से जेनरेट किए गए कंटेंट, दोनों तरफ के मेनस्ट्रीम मीडिया आउटलेट्स पर प्रसारित किए गये। उन्हें सैन्य सफलता कहा गया और इस बाबत झूठी कहानियों को जमकर फैलाया गया। हालांकि, SIPRI रिपोर्ट से अलग भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने परमाणु जंग की किसी भी संभावनाओं से इनकार किया है। भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी को कहा कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने अपने भारतीय समकक्ष के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान कोई न्यूक्लियर खतरा नहीं उठाया। उन्होंने कहा था कि "जहां तक न्यूक्लियर बयानबाजी का सवाल है, DGMO वार्ता में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। जो भी न्यूक्लियर बयानबाजी की गई, वह पाकिस्तान के राजनेताओं की तरफ से की गई थी।"
लेखक के बारे मेंअभिजात शेखर आजादअभिजात शेखर आजाद, नवभारत टाइम्स में इंटरनेशनल अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं। जियो-पॉलिटिक्स और डिफेंस पर लिखते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 सालों का अनुभव है। अपने कैरियर की शुरूआती दिनों में उन्होंने क्राइम बीट में काम किया और ग्राउंड रिपोर्टिंग की। उन्होंने दो लोकसभा चुनाव को कवर किया है। इसके बाद वो इंटरनेशनल अफेयर्स की तरफ आ गये, जहां उन्होंने अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव के साथ साथ कई देशों के इलेक्शन और वहां की राजनीति को कवर किया है। डिफेंस सेक्टर, हथियारों की खरीद बिक्री और अलग अलग देशों के बीच होने वाले संघर्ष पर लगातार लिखते रहते हैं। वो ज़ी मीडिया समेत कई प्रतिष्ठित संस्थान में काम कर चुके हैं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन पर वो डिफेंस और जियो-पॉलिटिक्स के एक्सपर्ट्स, डिप्लोमेट्स और सैन्य अधिकारियों से बात करते रहते हैं। इस समय वो 'बॉर्डर-डिफेंस' नाम से साप्ताहिक वीडियो इंटरव्यू भी करते हैं, जो डिफेंस पर आधारित है। उन्होंने पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय से इंग्लिश जर्नलिज्म की पढ़ाई है।... और पढ़ें
Rate this article
Login to rate this article
Comments
Please login to comment
No comments yet. Be the first to comment!
