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WhatsApp से आधार कार्ड डाउनलोड करें: आसान तरीका जानें
AajTak
January 19, 2026•3 days ago

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अब आधार कार्ड को WhatsApp पर डाउनलोड करना संभव है। UIDAI ने एक नई सेवा शुरू की है, जिसके तहत +91-9013151515 नंबर पर 'Hi' भेजकर आधार की PDF कॉपी WhatsApp पर प्राप्त की जा सकती है। यह प्रक्रिया OTP सत्यापन के बाद पूरी होती है और पासवर्ड से सुरक्षित PDF फ़ाइल मिलती है। यह सुविधा आम नागरिकों, विशेषकर जिन्हें वेबसाइट इस्तेमाल करने में कठिनाई होती है, के लिए अत्यंत उपयोगी है।
आधार कार्ड आज हर जरूरी काम में इस्तेमाल होता है. बैंक खाता खोलना हो, सिम लेना हो या कोई सरकारी योजना, हर जगह आधार की कॉपी चाहिए.
अब तक इसकी डिजिटल कॉपी निकालने के लिए UIDAI की वेबसाइट पर जाना पड़ता था. OTP डालना, कैप्चा भरना और फिर PDF डाउनलोड करना. यह प्रोसेस कई लोगों के लिए थोड़ा मुश्किल था, खासकर उनके लिए जो मोबाइल पर ही सारा काम करते हैं.
अब UIDAI ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है. आधार कार्ड की PDF कॉपी अब सीधे WhatsApp पर भी डाउनलोड की जा सकती है. यानी वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं, बस एक चैट और कुछ स्टेप्स में डॉक्यूमेंट फोन में आ जाता है.
UIDAI ने अपना ऑफिशियल WhatsApp सर्विस शुरू किया है. यूज़र को UIDAI के तय WhatsApp नंबर +91-9013151515 पर Hi लिख कर भेजना होता है. इसके बाद एक ऑटोमैटिक चैट शुरू होती है, जिसमें आधार से जुड़ी अलग-अलग सेवाओं का विकल्प मिलता है. पहले आपको Digilocker ऑप्शन सेलेक्ट करना है.
इसमें Download Aadhaar का ऑप्शन भी है. जैसे ही यूज़र यह चुनता है, आधार नंबर डाला जाता है और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आता है. OTP सही डालते ही आधार की PDF फाइल WhatsApp चैट पर मिल जाती है.
इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को हो रहा है जिन्हें कंप्यूटर या वेबसाइट नेविगेशन में दिक्कत होती है. भारत में ज्यादातर लोग सरकारी सेवाओं के लिए मोबाइल ही इस्तेमाल करते हैं और WhatsApp लगभग हर स्मार्टफोन में मौजूद है. ऐसे में आधार डाउनलोड की सुविधा को WhatsApp पर लाना एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है.
सेफ्टी को लेकर कर भी UIDAI ने साफ किया है कि बिना OTP वेरिफिकेशन के कोई डॉक्यूमेंट शेयर नहीं किया जाता. यानी वही व्यक्ति आधार डाउनलोड कर सकता है जिसका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा हुआ है. PDF फाइल भी पासवर्ड प्रोटेक्टेड रहती है, जिसे खोलने के लिए जन्मतिथि डालनी होती है.
डिजिटल गवर्नेंस के नजरिए से यह बदलाव छोटा दिख सकता है, लेकिन आम यूज़र के लिए काफी काम का है. अब आधार की कॉपी निकालने के लिए साइबर कैफे जाने या किसी दूसरे से मदद लेने की जरूरत कम होगी. खासकर सीनियर सिटिज़न और ग्रामीण यूज़र्स के लिए यह सुविधा समय और मेहनत दोनों बचा सकती है.
गौरतलब है कि सरकार पहले से DigiLocker, UMANG और mAadhaar जैसे प्लेटफॉर्म चला रही है. इन प्लेटफॉर्म्स से भी आधार डाउनलोड किया जा सकता है.
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