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500% टैरिफ पर स्कॉट बेसेंट का बड़ा दावा: क्या अब टैरिफ की ज़रूरत नहीं?
News18 Hindi
January 20, 2026•2 days ago

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अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, जिससे 500% टैरिफ का खतरा टल सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के 25% टैरिफ के दबाव में यह कदम उठाया गया। हालांकि, यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है, क्योंकि भारत अभी भी रूस से तेल खरीद रहा है, भले ही मात्रा में कमी आई हो।
Reported by :
शैलेंद्र वांगू
Written by :
Gyanendra Mishra
Last Updated:January 20, 2026, 21:57 IST
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने 500% टैरिफ बिल पर चर्चा के दौरान एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए '25% टैरिफ' के दबाव में भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है. इस बयान का सीधा मतलब है कि भारत पर मंडरा रहा '500% टैरिफ' का खतरा अब टल सकता है. हालांकि हकीकत कुछ और ही है.
क्या भारत पर मंडरा रहा 500% टैरिफ का खतरा अब टल गया है? डोनाल्ड ट्रंप के खास और अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने अब जो दावा किया है, उससे तो यही संकेत मिलते हैं. 500% टैरिफ बिल पर बोलते हुए बेसेंट ने कहा, ‘रूस से तेल खरीदने की वजह से राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगा दिया था. इससे भारत ने अपनी खरीद कम कर दी और अब रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है.’ उनके बयान का लब्बोलुआब यह है कि ट्रंप जो चाहते थे, वह पूरा हो चुका है, यानी भारत ने दबाव में आकर रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है. बेसेंट का दावा वैसे तो झूठा है, क्योंकि भारत ने न तो तेल की खरीद कम की है और ना ही बंद किया है. लेकिन अगर अमेरिका ये मान रहा है तो अब भारत के खिलाफ ‘500% टैरिफ’ वाला ब्रह्मास्त्र शायद इस्तेमाल न करे.
अमेरिका में डॉलर के वर्चस्व को बचाने के लिए लाए जा रहे 500% टैरिफ बिल पर चर्चा के दौरान स्कॉट बेसेंट ने भारत का उदाहरण दिया. उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि कैसे ट्रंप की नीतियों ने भारत को रूस से दूर कर दिया. बेसेंट ने कहा, ‘यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से तेल खरीदना शुरू किया था. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने 25% टैरिफ लगा दिया, जिसके बाद भारत ने अपनी खरीद कम कर दी और अब रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है.’
क्या टैरिफ की अब जरूरत नहीं रही?
बेसेंट इसे ट्रंप की उस रणनीति की जीत के तौर पर पेश कर रहे थे, जिसे ‘टैरिफ डिप्लोमेसी’ कहा जाता है. ट्रंप प्रशासन का मुख्य डर यह था कि भारत और चीन जैसे देश रूस के करीब जा रहे हैं और ‘डी-डॉलराइजेशन’ को बढ़ावा दे रहे हैं. अगर बेसेंट यह मान रहे हैं कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, तो इसका मतलब है कि वाशिंगटन की नजर में भारत ने वो बात मान ली है. हालांकि हकीकत कुछ और ही है.
हकीकत कुछ और ही…
बेसेंट का दावा है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, लेकिन ऊर्जा बाजार के आंकड़े बताते हैं कि भारत अभी भी रूस से तेल खरीद रहा है, हालांकि मात्रा में उतार-चढ़ाव जरूर आया है. डेटा एनालिटिक्स कंपनी केप्लर (Kpler) के अनुसार, इस महीने के पहले पखवाड़े में भारत ने रूस से औसतन 11.8 लाख बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा. यह पिछले साल की इसी अवधि और 2025 के औसत से करीब 30% कम है. दिसंबर की तुलना में भी आयात लगभग 3% घटा है.
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Gyanendra Mishra
Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for 'Hindustan Times Group...और पढ़ें
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Location :
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First Published :
January 20, 2026, 21:57 IST
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